लगातार दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को निवेशकों को राहत दी। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई जोरदार तेजी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों को लेकर सकारात्मक माहौल का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई दिया।
कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 330.92 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,264.51 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 84.80 अंक यानी 0.35 प्रतिशत चढ़कर 24,175.65 अंक पर पहुंच गया। इस तेजी से लगातार दबाव झेल रहे निवेशकों को कुछ राहत मिली।
2300 से ज्यादा शेयर बढ़त में
शुक्रवार को बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली। करीब 2,300 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि लगभग 1,840 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 183 शेयर ऐसे रहे जिनकी कीमत में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
बाजार के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कुछ प्रमुख कंपनियों में खरीदारी के अलावा कई अन्य शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बहुत बड़ी हलचल देखने को नहीं मिली।
IT सेक्टर ने संभाला बाजार
दिन के कारोबार में IT सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। IT इंडेक्स में करीब 3.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। प्रमुख IT कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों की भी अहम भूमिका रही। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश और टेक्नोलॉजी कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन को लेकर उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर भारतीय IT कंपनियों पर भी देखने को मिला।
निफ्टी में शामिल TCS, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, विप्रो और HCL टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख IT शेयरों में तेजी रही। इन कंपनियों में खरीदारी बढ़ने से पूरे IT इंडेक्स को मजबूती मिली और इसका सकारात्मक असर व्यापक बाजार पर भी पड़ा।
इन सेक्टर्स में भी रही तेजी
IT के अलावा फार्मा, मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इन तीनों सेक्टोरल इंडेक्स में करीब 0.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
हालांकि, सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल और FMCG इंडेक्स करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में खरीदारी का रुझान चुनिंदा सेक्टरों और कंपनियों तक ही अधिक मजबूत रहा।
अब वैश्विक संकेतों पर नजर
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार की तेजी के बावजूद निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी हुई है। खासतौर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर आने वाले संकेत बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक बाजारों की चाल, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के प्रदर्शन जैसे कारक बाजार पर असर डाल सकते हैं। फिलहाल शुक्रवार की तेजी ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है और बाजार ने सप्ताह का अंत सकारात्मक रुख के साथ किया।

