15 Oct 2026, Thu

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लगाई फटकार, कोर्ट परिसर के अंदर नारेबाजी और हंगामे को लेकर जारी किया नोटिस

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में विपक्षी नेताओं के विरोध प्रदर्शन और अदालत परिसर में हुई कथित नारेबाजी का मामला सामने आया है। इस मामले में शीर्ष अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है। साथ ही अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। सुनवाई के दौरान न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अदालत की गरिमा को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां की गईं।

अदालत परिसर में विरोध प्रदर्शन का मामला उठा

यह मामला राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के सुप्रीम कोर्ट परिसर पहुंचने के दौरान हुई कथित नारेबाजी और हंगामे से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान इस घटनाक्रम पर चिंता जताई गई। अदालत को बताया गया कि परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन से वकीलों के एक वर्ग में नाराजगी है।

वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने अदालत के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि इस घटना से कई वकील आहत हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 200 वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन को अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में न्यायपालिका को धमकाया नहीं जा सकता। अदालत की टिप्पणी का उद्देश्य न्यायिक संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्र कामकाज के महत्व को रेखांकित करना था।

विरोध प्रदर्शन को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयासों को अदालत गंभीरता से समझती है और बाहरी बयानों से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होती। उन्होंने संकेत दिया कि अदालत अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन स्वतंत्र रूप से करती है।

CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखी जाए। इस निर्देश से संबंधित घटनाक्रम के रिकॉर्ड को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

सीसीटीवी फुटेज किसी भी घटना के वास्तविक क्रम को समझने के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। हालांकि, फुटेज में क्या दर्ज है और उससे मामले के संबंध में क्या निष्कर्ष निकलता है, यह संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

चुनाव आयोग से जुड़े मामले पर भी हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं की उन याचिकाओं का भी संदर्भ आया, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।

इस प्रकार, सुनवाई के दौरान एक ओर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे, वहीं दूसरी ओर अदालत परिसर में हुए कथित विरोध प्रदर्शन का मामला भी प्रमुखता से उठा।

फिलहाल, राहुल गांधी को नोटिस जारी होने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आगामी सुनवाई में संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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