ठाणे हादसा: MACT का बड़ा फैसला, मृतक के परिवार को मिलेगा 33.9 लाख रुपये मुआवजा
महाराष्ट्र के ठाणे में हुए एक मोटरसाइकिल हादसे में हेमंत कृष्णकांत वेदपाठक की मौत के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने अहम फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने मृतक के परिवार को कुल 33.9 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में टेम्पो चालक को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया है।
हादसा और मामले की पृष्ठभूमि
यह हादसा 3 जून 2021 को कल्याण-मुरबाड रोड पर हुआ था। मृतक हेमंत कृष्णकांत वेदपाठक, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार टेम्पो ने उन्हें टक्कर मार दी।
इस टक्कर में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। उनके परिवार ने न्याय के लिए MACT में याचिका दायर की थी।
ट्रिब्यूनल का फैसला
ठाणे MACT के सदस्य आर. वी. मोहिते ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि टेम्पो चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार इस हादसे का मुख्य कारण थी।
ट्रिब्यूनल ने पाया कि टेम्पो विपरीत दिशा से तेज गति में आया, अपनी लेन छोड़कर गलत साइड में चला गया और मृतक की बाइक से टकरा गया।
निर्णय में यह भी कहा गया कि टेम्पो चालक के पास इस हादसे को टालने का आखिरी मौका था, लेकिन उसने सावधानी नहीं बरती।
मृतक की कोई गलती नहीं
ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे में मृतक हेमंत वेदपाठक की कोई गलती साबित नहीं हुई। सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर टेम्पो चालक को पूरी तरह जिम्मेदार माना गया।
बीमा कंपनी की दलील खारिज
मामले में बीमा कंपनी ने दावा किया था कि पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, लेकिन ट्रिब्यूनल ने इस दावे को खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि टेम्पो चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और वाहन के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट भी मौजूद था। इसलिए बीमा पॉलिसी का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
मुआवजे की राशि और वितरण
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि कुल 33.9 लाख रुपये का मुआवजा मृतक के परिवार को दिया जाए।
- 23.9 लाख रुपये मृतक की पत्नी को
- 10 लाख रुपये उनकी नाबालिग बेटी को
इसके अलावा, मुआवजे की कुछ राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि परिवार को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
साथ ही, ट्रिब्यूनल ने यह भी आदेश दिया कि मुआवजे पर याचिका दाखिल करने की तारीख से लेकर भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाएगा।
मामले का महत्व
यह फैसला सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग के महत्व को दर्शाता है। अदालत ने साफ संदेश दिया है कि तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने वालों को कड़ी सजा और भारी मुआवजे का सामना करना पड़ सकता है।
यह निर्णय पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
ठाणे MACT का यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार को आर्थिक राहत देता है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश भी देता है।
यह मामला यह दर्शाता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी किसी की जान ले सकती है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

