हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान कई बार बाजार हरे और लाल निशान के बीच झूलता रहा। कभी खरीदारी का माहौल बना तो कभी बिकवाली का दबाव हावी हो गया। हालांकि दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। इस उतार-चढ़ाव के बावजूद मिडकैप शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को सहारा दिया।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,542.44 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 24,583.80 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) लगभग संतुलित रही। करीब 2,103 शेयरों में तेजी, 2,107 शेयरों में गिरावट, जबकि 184 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
टाइटन सबसे बड़ी गेनर
सोमवार के कारोबार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को संभाले रखा। टाइटन कंपनी निफ्टी 50 की सबसे बड़ी गेनर रही। कंपनी का शेयर 3.14 प्रतिशत चढ़कर ₹5,098.20 पर बंद हुआ। इसके अलावा टाटा कंज्यूमर में लगभग 2.4 प्रतिशत, जबकि बजाज फाइनेंस में 2.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं श्रीराम फाइनेंस और ग्रासिम भी क्रमशः करीब 2 प्रतिशत और 1.7 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, इंफोसिस और एक्सिस बैंक में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला।
SBI और ITC पर बिकवाली का दबाव
दूसरी ओर, सरकारी बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का शेयर 2.39 प्रतिशत गिरकर दिन का सबसे बड़ा लूजर बना। इसके अलावा आईटीसी और इटरनल (पूर्व में जोमैटो) के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। इन शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही।
मिडकैप शेयरों ने दिखाया दम
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले मिडकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि अधिक देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों ने चुनिंदा मिडकैप कंपनियों में खरीदारी जारी रखी, जिससे इस सेगमेंट में मजबूती बनी रही। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।
रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा और यह 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
इसके विपरीत निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.6 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और इन्फ्रा इंडेक्स 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे क्या रहेगा फोकस?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू कॉरपोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए है। मौजूदा स्तरों पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसके कारण बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
सोमवार का सत्र इस बात का संकेत देता है कि बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा का अभाव है, लेकिन चुनिंदा सेक्टर और मिडकैप शेयर निवेशकों को अवसर प्रदान कर रहे हैं।

