भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। सुबह जहां निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और ऐसा लग रहा था कि बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है, वहीं दोपहर बाद अचानक माहौल बदल गया और भारी बिकवाली ने पूरे बाजार को नीचे धकेल दिया।
शुरुआती कारोबार में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में मजबूत तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा उछलकर दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,780 के करीब कारोबार करता नजर आया। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार में मुनाफावसूली हावी होती गई और तेजी धीरे-धीरे कमजोरी में बदल गई।
दिन के अंत में बाजार पूरी तरह दबाव में आ गया और सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से करीब 600 अंक टूटकर लाल निशान में बंद हुआ। अंत में BSE Sensex 114 अंक गिरकर 75,200 के आसपास बंद हुआ, जबकि Nifty 50 23,618 के स्तर पर आकर बंद हुआ। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया।
IT सेक्टर बना दिन का हीरो
पूरे बाजार में गिरावट के बावजूद आईटी सेक्टर ने मजबूती दिखाई। निफ्टी IT इंडेक्स में करीब 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इस दौरान प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
Infosys के शेयर करीब 5% तक चढ़ गए। इसके अलावा Tata Consultancy Services, HCL Technologies और Tech Mahindra में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर की मजबूती और वैश्विक तकनीकी मांग में सुधार के चलते IT सेक्टर को सपोर्ट मिला।
बाजार में गिरावट के बड़े कारण
1. कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी फ्यूचर्स में भी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
2. रुपये में भारी दबाव
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.52 तक पहुंच गया। मजबूत डॉलर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण रुपया कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ी और बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों पर सख्ती बरकरार रख सकता है। ऐसी स्थिति में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
आगे बाजार का क्या रहेगा रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ग्लोबल संकेत, डॉलर-रुपया मूवमेंट और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। हालांकि, मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे और घरेलू मांग से कुछ सेक्टर्स में सपोर्ट बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा—जहां IT सेक्टर ने राहत दी, वहीं व्यापक बाजार में गिरावट ने चिंता बढ़ा दी।

