भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब अपने करियर के एक नए और अहम चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव अब रेड बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की तैयारी कर रहे हैं। 23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026 में वह ईस्ट जोन टीम के उपकप्तान के रूप में खेलेंगे। इस बड़े टूर्नामेंट की तैयारी उन्होंने पहले ही शुरू कर दी है और खास बात यह है कि वह अपनी आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं।
राजस्थान रॉयल्स के साथ कर रहे विशेष तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैभव सूर्यवंशी इन दिनों नागपुर स्थित राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रेड बॉल क्रिकेट की विशेष तैयारी कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी पर पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच और राजस्थान रॉयल्स के असिस्टेंट कोच विक्रम राठौर काम कर रहे हैं।
विक्रम राठौर को लंबे प्रारूप के क्रिकेट की बारीकियों का अच्छा अनुभव है और माना जा रहा है कि उनकी देखरेख में वैभव अपनी तकनीक, धैर्य और लंबी पारी खेलने की क्षमता पर काम कर रहे हैं। यह तैयारी उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंटरनेशनल डेब्यू के बाद बदला फोकस
वैभव ने हाल ही में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। शुरुआती सीरीज में उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उनके बल्ले से कुछ प्रभावशाली पारियां देखने को मिलीं। इसके बाद उन्होंने अपना ध्यान सीमित ओवरों के बजाय रेड बॉल क्रिकेट की ओर केंद्रित किया है।
युवा बल्लेबाज पहले भी कई बार यह इच्छा जता चुके हैं कि उनका अंतिम लक्ष्य भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाना है। ऐसे में दलीप ट्रॉफी उनके लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच बन सकती है।
ईशान किशन की कप्तानी में बड़ी जिम्मेदारी
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे, जबकि वैभव सूर्यवंशी को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इतनी कम उम्र में यह जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को उनकी क्षमता और नेतृत्व गुणों पर भरोसा है।
यह टूर्नामेंट घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है और यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर रहती है।
रेड बॉल क्रिकेट होगी असली परीक्षा
अब तक वैभव की पहचान एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में रही है। टी20 और सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी तेज रन बनाने की क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई है। लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में परिस्थितियां पूरी तरह अलग होती हैं।
टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाज को धैर्य, तकनीक, संयम और लंबी पारी खेलने की क्षमता दिखानी पड़ती है। यहां केवल स्ट्रोक खेलने की क्षमता नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की योग्यता भी महत्वपूर्ण होती है।
टेस्ट क्रिकेट की राह दलीप ट्रॉफी से होकर
यदि वैभव सूर्यवंशी भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाना चाहते हैं, तो दलीप ट्रॉफी उनके लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वह केवल सीमित ओवरों के आक्रामक बल्लेबाज हैं या लंबे प्रारूप के लिए भी तैयार हैं।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैभव इस टूर्नामेंट में बड़ी पारियां खेलने में सफल रहते हैं, तो वह भारतीय रेड बॉल क्रिकेट के भविष्य के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।

