बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे सितारे आए, जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन फिर अचानक इंडस्ट्री से दूरी बना ली। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं गिसेली मोंटेइरो, जिन्हें फिल्म Love Aaj Kal में हरलीन कौर के किरदार के लिए आज भी याद किया जाता है। उनकी सादगी, मासूमियत और नैचुरल एक्टिंग ने उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना दिया था।
साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म में सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण जैसे बड़े सितारे थे, लेकिन गिसेली ने अपने छोटे से रोल में भी अलग पहचान बनाई। खास बात यह थी कि वह भारतीय नहीं थीं, बल्कि ब्राजील से थीं, फिर भी उन्होंने एक पारंपरिक पंजाबी लड़की का किरदार इतनी खूबसूरती से निभाया कि दर्शकों को उनकी असल पहचान का अंदाजा ही नहीं हुआ।
गिसेली मोंटेइरो का जन्म ब्राजील के एस्पिरिटो सैंटो में हुआ था और उन्होंने महज 17 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। बेहतर अवसरों की तलाश में वह मुंबई आईं, जहां उनकी मुलाकात मशहूर डिजाइनर अनाइता श्रॉफ अदजानिया के जरिए निर्देशक इम्तियाज अली से हुई। शुरुआत में उन्होंने फिल्म में एक विदेशी गर्लफ्रेंड के रोल के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन बाद में उन्हें हरलीन कौर का अहम किरदार मिला।
फिल्म की रिलीज के बाद गिसेली को जबरदस्त पहचान मिली। ‘लव आज कल’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। इस सफलता के बाद उनके पास कई प्रोजेक्ट्स के ऑफर आए और उन्होंने ‘ऑलवेज कभी कभी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, उनका बॉलीवुड करियर बहुत लंबा नहीं चला और वह सिर्फ कुछ ही फिल्मों में नजर आईं।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इतनी लोकप्रियता हासिल करने के बावजूद गिसेली ने ग्लैमर वर्ल्ड को अलविदा कहने का फैसला किया। उन्होंने महसूस किया कि उनका झुकाव अभिनय से ज्यादा कला और डिजाइनिंग की ओर है। इसी कारण उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर अपनी पढ़ाई पूरी करने का निर्णय लिया।
आज गिसेली मोंटेइरो एक सफल आर्किटेक्ट के रूप में काम कर रही हैं और लाइमलाइट से पूरी तरह दूर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली है और एक शांत, निजी जीवन जी रही हैं।
गिसेली की कहानी यह साबित करती है कि सफलता का मतलब सिर्फ शोहरत नहीं होता, बल्कि अपने जुनून और संतुष्टि के अनुसार जीवन चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ‘हरलीन कौर’ के रूप में उनकी याद आज भी दर्शकों के दिलों में ताजा है, भले ही वह अब पर्दे से दूर क्यों न हों।
