मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। लगातार दूसरे कारोबारी दिन घरेलू बाजार गिरावट के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी बाजारों में जारी अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का माहौल बना रहा।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 255.83 अंकों की गिरावट के साथ 74,070.34 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 72.95 अंक टूटकर 23,332.65 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में जारी कमजोरी का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक रही। केवल 98 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 158 से अधिक शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। करीब 19 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आईटी और ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा सिप्ला, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयर भी टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे।
हालांकि, गिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। कोल इंडिया, अडानी एंटरप्राइजेज, ग्रासिम, ओएनजीसी और अडानी पोर्ट्स के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला।
गुरुवार के कारोबार में कुछ विशेष शेयर निवेशकों के फोकस में बने हुए हैं। राजेश एक्सपोर्ट्स सबसे अधिक चर्चा में है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी और इसके चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। सेबी का आरोप है कि कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। इसके बाद कंपनी के शेयर में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलों को लॉन्च किया है। कंपनी के इस कदम को हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके चलते निवेशकों की नजर आज इस शेयर पर भी बनी रहेगी।
इसके अलावा इंडियाबुल्स द्वारा 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना और ऑरोबिंदो फार्मा द्वारा बड़े बायोलॉजिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत भी बाजार में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नए मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) की नियुक्ति के बाद बैंकिंग सेक्टर के निवेशक भी इस शेयर पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी बाजारों के रुख को देखते हुए निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

