नई दिल्ली/लखनऊ: लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान को उस समय सुरक्षा जांच के लिए रोकना पड़ा, जब विमान के टॉयलेट में बम की धमकी से जुड़ा एक संदिग्ध संदेश मिला। घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और एयरलाइन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि गहन जांच के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और धमकी को झूठा पाया गया।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की यह फ्लाइट लगभग 180 यात्रियों को लेकर लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी। विमान सुबह करीब 10:45 बजे उड़ान भरने की तैयारी में था। इसी दौरान विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर पर बम होने संबंधी संदेश लिखा हुआ मिला। जैसे ही इस संदेश की जानकारी क्रू मेंबर्स और एयरपोर्ट अधिकारियों को मिली, तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने बिना कोई जोखिम उठाए विमान को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अलग स्थान पर ले जाकर जांच शुरू की। बम निरोधक दस्ता, सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने विमान के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली। यात्रियों को भी एहतियात के तौर पर विमान से उतारकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया और उनके सामान की दोबारा जांच की गई।
घटना के चलते एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री अपनी यात्रा में हुई देरी को लेकर चिंतित दिखाई दिए, जबकि सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया और शांति बनाए रखने की अपील की।
प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने इसे बम की झूठी धमकी का मामला माना। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि टिश्यू पेपर पर यह संदेश किसने लिखा और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
एविएशन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई यात्रा से जुड़े ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। चाहे धमकी वास्तविक हो या झूठी, हर सूचना पर पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई करना अनिवार्य होता है। यही वजह है कि विमान को उड़ान भरने से पहले रोककर विस्तृत जांच की गई।
घटना के कारण उड़ान में कुछ समय की देरी हुई, लेकिन सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद विमान को अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया गया।
हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हवाई अड्डों और उड़ानों को बम की झूठी धमकियां मिलने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करती हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में भी दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही हैं ताकि धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंचा जा सके।

