26 Oct 2026, Mon

रश्मिका मंदाना के उच्चारण पर सवाल उठाने वालों को जावेद अख्तर का करार जवाब, ‘लिंग्विस्टिक सुपीरियरिटी’ पर जताई नाराजगी

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना इन दिनों अपने हिंदी बोलने के अंदाज और दक्षिण भारतीय लहजे को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक टॉक शो में उन्होंने अपने उच्चारण को लेकर होने वाली ऑनलाइन आलोचनाओं पर खुलकर बात की थी। अब मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने भाषा और उच्चारण के आधार पर किसी व्यक्ति को कमतर समझने वालों की सोच पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसी की भाषा या बोलने के अंदाज का मजाक उड़ाना सही नहीं है।

जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि भाषा को लेकर श्रेष्ठता की भावना रखना गलत है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने रश्मिका को गलती से तमिल अभिनेत्री बता दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें अपनी गलती सुधारनी पड़ी।

रश्मिका के समर्थन में क्या बोले जावेद अख्तर?

जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो लोग रश्मिका के उच्चारण को लेकर परेशान हैं, उन्हें तमिल भाषा की कुछ पंक्तियां देकर उनका सही उच्चारण करने के लिए कहा जाना चाहिए। इससे उन्हें समझ आएगा कि किसी दूसरी भाषा को सही तरीके से बोलना कितना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने भाषा के आधार पर खुद को दूसरों से बेहतर समझने की मानसिकता पर सवाल उठाया। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति का उच्चारण उसकी भाषा, क्षेत्र और भाषाई पृष्ठभूमि से प्रभावित हो सकता है। इसलिए किसी के बोलने के अंदाज को लेकर उसका मजाक उड़ाना उचित नहीं है।

उनकी इस प्रतिक्रिया का मुख्य संदेश यही था कि भाषा लोगों को जोड़ने का माध्यम है, न कि किसी की योग्यता या पहचान को कम आंकने का आधार।

रश्मिका ने भी बयां किया था अपना अनुभव

रश्मिका मंदाना ने हाल ही में एक लोकप्रिय टॉक शो में अपने हिंदी उच्चारण को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर बात की थी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उनके बोलने के तरीके को लेकर कई बार टिप्पणियां की जाती हैं।

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाली रश्मिका ने अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। ऐसे में हिंदी बोलते समय उनके लहजे में क्षेत्रीय प्रभाव नजर आ सकता है। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम और अभिनय के जरिए हिंदी फिल्म जगत में भी पहचान बनाई है।

अभिनेत्री के अनुभव ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या किसी कलाकार के उच्चारण को उसके अभिनय और प्रतिभा से जोड़कर देखना उचित है।

रश्मिका को तमिल अभिनेत्री बताने पर हुई आलोचना

रश्मिका का समर्थन करते हुए जावेद अख्तर ने उन्हें तमिल अभिनेत्री कह दिया था। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें बताया कि रश्मिका कन्नड़ भाषी पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने कन्नड़, तेलुगु, तमिल, हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम किया है।

अपनी गलती सामने आने पर जावेद अख्तर ने उसे स्वीकार किया और सुधार करने वाले यूजर का धन्यवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अभिनेत्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और उन्होंने संयोग से उनकी एक तमिल फिल्म देखी थी।

उन्होंने आगे कहा कि किसी का तमिल, तेलुगु, मलयालम या कन्नड़ भाषी होना कोई मुद्दा नहीं है। अगर कोई व्यक्ति हमारी भाषा बोलने की कोशिश करता है और उसका लहजा थोड़ा अलग है, तो हमें उसकी सराहना करनी चाहिए।

अंग्रेजी के उच्चारण का भी दिया उदाहरण

जावेद अख्तर ने अपनी बात समझाने के लिए अंग्रेजी उच्चारण का उदाहरण भी दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई विदेशी भारतीयों के अंग्रेजी बोलने के लहजे का मजाक उड़ाए, तो उन्हें कैसा महसूस होगा।

उनकी प्रतिक्रिया के बाद भाषा, उच्चारण और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला याद दिलाता है कि किसी भाषा को सीखने और बोलने में समय लगता है। अलग-अलग उच्चारण किसी की प्रतिभा को कम नहीं करते और सम्मानजनक व्यवहार हर व्यक्ति का अधिकार है।

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