3 Mar 2026, Tue

युद्ध के मुहाने पर खड़ा पश्चिम एशिया! नेपाल भी हुआ अलर्ट, रणनीति तैयार करने के लिए आपात दल का किया गठन

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच नेपाल सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए एक आपात राहत तंत्र सक्रिय कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के मारे जाने के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और कई खाड़ी देशों में मिसाइल व ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे संवेदनशील समय में नेपाल ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक उच्चस्तरीय आपात दल का गठन किया है।

नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव Amrit Bahadur Rai की अध्यक्षता में आपात राहत दल बनाया है। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए एक व्यापक राहत और निकासी रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही यह दावा किया गया है कि फिलहाल विभिन्न खाड़ी देशों में रह रहे सभी नेपाली नागरिक सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नेपाल ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मतभेदों को कूटनीति और संवाद के माध्यम से सुलझाने की अपील की है। बयान में ‘नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था’ को बनाए रखने और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

पश्चिम एशिया इस समय युद्ध के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है। United States और Israel द्वारा किए गए संयुक्त हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद Iran ने व्यापक जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डों और खाड़ी क्षेत्र में स्थित ठिकानों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागने का दावा किया है।

इजरायल के Tel Aviv और Jerusalem में सायरन गूंजने लगे, जहां कुछ मिसाइलों ने एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए नुकसान पहुंचाया। वहीं खाड़ी देशों में भी तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। कुवैत में अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाए जाने की खबर है। इसके अलावा Dubai, Doha और Abu Dhabi सहित कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे वहां रह रहे प्रवासी समुदाय में चिंता बढ़ गई है।

नेपाल के लाखों नागरिक खाड़ी देशों में रोजगार के लिए कार्यरत हैं, इसलिए क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा प्रभाव नेपाल पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाने की जरूरत पड़ सकती है।

फिलहाल नेपाल सरकार ने दूतावासों को अलर्ट पर रखा है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि वह स्थिति के अनुसार त्वरित निर्णय लेने के लिए तैयार है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

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