इजरायल में संसदीय चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थन की वजह से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निर्णायक हार टल गई है। ट्रंप के मुताबिक, जिस चुनाव में नेतन्याहू की हार की आशंका जताई जा रही थी, वहां अब मुकाबला बराबरी का हो सकता है या फिर नेतन्याहू जीत भी हासिल कर सकते हैं। हालांकि, यह ट्रंप का अपना दावा है और चुनाव के अंतिम नतीजों से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
नेतन्याहू के समर्थन में ट्रंप का बयान
ट्रंप ने बुधवार को साझा किए गए एक संदेश में नेतन्याहू के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बाद चुनावी माहौल में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि इजरायली प्रधानमंत्री की संभावित करारी हार की जगह अब मुकाबला काफी करीबी हो गया है।
ट्रंप के संदेश के अनुसार, नेतन्याहू ने वापसी करते हुए चुनावी मुकाबले को बराबरी पर ला दिया है और उनकी जीत की संभावना भी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने समर्थन को मध्य पूर्व, इजरायल और अमेरिका के हितों से जोड़कर पेश किया।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि उनके समर्थन के कारण मतदाताओं के रुख में कितना बदलाव आया। चुनावी नतीजों पर कई राजनीतिक, सामाजिक और घरेलू मुद्दों का असर पड़ सकता है।
एग्जिट पोल में दोनों गठबंधनों के बीच कड़ा मुकाबला
इजरायल में मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के बाद जारी एग्जिट पोल में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन और विपक्षी खेमे के बीच कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है।
कान 11 और चैनल 13 के अनुमानों के मुताबिक, दोनों प्रमुख गठबंधनों को 51-51 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, चैनल 12 के एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि चुनावी मुकाबले में किसी भी पक्ष को स्पष्ट बढ़त मिलती नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि, एग्जिट पोल अंतिम परिणाम नहीं होते और वास्तविक सीटों की संख्या आधिकारिक मतगणना के बाद ही सामने आएगी।
सरकार बनाने के लिए 61 सीटें जरूरी
इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं। किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 61 सीटों का समर्थन चाहिए। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, दोनों प्रमुख खेमे इस आंकड़े से पीछे दिखाई दे रहे हैं।
ऐसी स्थिति में सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण हो सकता है। गठबंधन बनाने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बातचीत लंबी खिंच सकती है। छोटे दलों और अन्य राजनीतिक समूहों की भूमिका भी निर्णायक हो सकती है।
अंतिम नतीजों पर टिकी दुनिया की नजरें
इजरायल के चुनाव परिणाम केवल देश की घरेलू राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व की क्षेत्रीय परिस्थितियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नेतन्याहू की सत्ता में वापसी और विपक्ष की संभावनाओं का असर देश की आगामी नीतियों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, ट्रंप ने नेतन्याहू की संभावित वापसी का श्रेय अपने समर्थन को दिया है, लेकिन चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अंतिम मतगणना और गठबंधन की स्थिति सामने आने के बाद ही तय होगा कि इजरायल में अगली सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी।

