9 Jul 2026, Thu

‘मैं बेगुनाह हूं, झूठा फंसाया गया…’, सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की दलील, अब मंगलवार को होगी सुनवाई

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। मेघालय सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सुनवाई करेगा। इस याचिका में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द करने की मांग की गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, इसलिए अभी उसकी जमानत बरकरार रहेगी।

यह मामला इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है। राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे, जहां कुछ दिनों बाद राजा लापता हो गया था। बाद में उसका शव गहरी खाई से बरामद किया गया। इस मामले में सोनम रघुवंशी समेत अन्य आरोपियों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सोनम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे में सोनम रघुवंशी ने खुद को बेगुनाह बताया है। सोनम ने दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। उसने यह भी कहा है कि केवल आरोपों के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जा सकता। सोनम ने अपने हलफनामे में कहा कि वह कोर्ट की सभी शर्तों का पालन कर रही है और शिलांग में ही रह रही है।

सोनम की ओर से यह भी दलील दी गई है कि इस केस में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और अब उससे कोई बरामदगी बाकी नहीं है। ऐसे में उसके सबूतों से छेड़छाड़ करने या जांच को प्रभावित करने की आशंका नहीं है। बचाव पक्ष का कहना है कि जमानत रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।

वहीं मेघालय सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पिछली सुनवाई में कहा था कि सोनम को तकनीकी आधार पर जमानत मिली है। उनका तर्क था कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में BNS की धारा 103(1), यानी हत्या से जुड़ी धारा, की जगह गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी। सरकार ने इसे मामूली टाइपो एरर बताया, जबकि निचली अदालत और हाई कोर्ट ने इसे गिरफ्तारी प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर खामी माना था।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि सोनम पहले ही जेल से रिहा हो चुकी है, इसलिए फिलहाल उसकी जमानत पर रोक लगाने की इच्छा नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह पहले यह देखेगा कि ट्रायल किस तरह आगे बढ़ रहा है। अब मंगलवार की सुनवाई में यह साफ हो सकता है कि सोनम की जमानत जारी रहेगी या मेघालय सरकार की याचिका पर कोई बड़ा आदेश आएगा।

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