30 Oct 2026, Fri
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‘मैं 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं’, पीएम मोदी ने इशारों में क्यों साधा राहुल गांधी पर निशाना? देश के युवाओं की तारीफ की

संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने देश की हालिया उपलब्धियों का जिक्र किया और भारत के युवाओं की सफलता की सराहना करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बिना नाम लिए निशाना साधा। प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम-1 की सफल उड़ान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं की प्रतिभा और नवाचार का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस मिशन को विकसित करने वाले स्टार्टअप स्काईरूट की टीम की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं।” इसे राहुल गांधी पर सीधा राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है, जिनकी उम्र 56 वर्ष है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और यह देश के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार, दुनिया के बहुत कम देशों में निजी क्षेत्र ने अंतरिक्ष तकनीक में इस तरह की सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और इससे दुनिया में भारत की छवि और मजबूत हुई है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले एक महीने में देश ने कई ऐसे कार्य किए हैं, जिन पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की उपलब्धियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है और दुनिया भारतीय युवाओं की क्षमता को स्वीकार कर रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश के युवाओं की उम्मीदें और उनकी प्रतिभा अंतरिक्ष की तरह असीम हैं।

संसद के मॉनसून सत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां सार्थक चर्चा होना समय की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा करेंगे और सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां शोर-शराबे और टकराव की कोई जगह नहीं होती। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर भाजपा इसे युवाओं की उपलब्धियों का सम्मान बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी मान रहा है। ऐसे में मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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