28 Oct 2026, Wed

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक पर 1 नवंबर से बदलेंगे नियम, इन वाहनों की एंट्री हमेशा के लिए बैन; पढ़ें नई गाइडलाइन

नई दिल्ली: दो बड़े शहरों के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर है। एक प्रमुख एक्सप्रेसवे के नए वैकल्पिक मार्ग पर 1 नवंबर 2026 से यातायात के नए नियम लागू होने जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर कुछ श्रेणियों के वाहनों की आवाजाही पर स्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कार, जीप और यात्री बसों के लिए अलग-अलग गति सीमा भी निर्धारित की गई है।

नई व्यवस्था के तहत भारी मालवाहक वाहनों और खतरनाक पदार्थों की ढुलाई करने वाले वाहनों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन चालकों को पुराने एक्सप्रेसवे मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यात्रा करने से पहले वाहन चालकों के लिए इन नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।

इन वाहनों की एंट्री पर रहेगा प्रतिबंध

नई अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षा कारणों से कई प्रकार के वाहनों को नए मार्ग पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इनमें भारी ट्रक, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे छोटे मालवाहक वाहन शामिल हैं।

इसके अलावा, ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक सामग्री और अन्य खतरनाक सामान ले जाने वाले टैंकरों तथा वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। ऐसे वाहनों को निर्धारित पुराने मार्ग से ही अपनी यात्रा पूरी करनी होगी।

यह फैसला खासतौर पर सुरंगों की संरचना, तकनीकी जरूरतों और यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रतिबंधित वाहनों के चालकों को यात्रा की योजना बनाते समय वैकल्पिक मार्ग का ध्यान रखना होगा।

किन वाहनों को मिलेगी गुजरने की अनुमति?

नए मार्ग पर केवल निर्धारित श्रेणियों के वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी। इनमें निजी कार, जीप और अन्य गैर-व्यावसायिक हल्के मोटर वाहन शामिल हैं। इसके अलावा, नियमित यात्री बसें और निर्धारित श्रेणी के यात्री वाहन भी इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले अपने वाहन की श्रेणी और मार्ग पर लागू नियमों की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। इससे अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी से बचा जा सकेगा।

कार और बसों के लिए तय हुई स्पीड लिमिट

नए मार्ग पर सुरंगों के भीतर और आसपास सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए गति सीमा भी निर्धारित की गई है।

  • कार और जीप: अधिकतम 100 किलोमीटर प्रति घंटा।
  • यात्री बसें: अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा।

वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करना होगा। सुरंगों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए चालकों को सड़क संकेतों, लेन संबंधी निर्देशों और यातायात पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

पुराने मार्ग का इस्तेमाल करेंगे प्रतिबंधित वाहन

जिन वाहनों को नए मार्ग पर जाने की अनुमति नहीं है, उन्हें पुराने एक्सप्रेसवे से ही गुजरना होगा। ऐसे में मालवाहक वाहन चालकों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना चाहिए और मार्ग की जानकारी पहले से प्राप्त करनी चाहिए।

यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसलिए वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों को समझकर ही यात्रा करें।

कुल मिलाकर, 1 नवंबर से लागू होने वाली यह व्यवस्था एक्सप्रेसवे के नए मार्ग पर यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लाई जा रही है। यात्रा से पहले वाहन की पात्रता, निर्धारित गति सीमा और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी लेना सबसे बेहतर रहेगा।

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