मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने का दावा किया है। UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ड्रोन का पता उसके जलक्षेत्र की दिशा में आने के दौरान लगाया गया था। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के तहत उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव एक बार फिर सैन्य कार्रवाई में बदलता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच हमलों का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ है। इससे क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है। खाड़ी क्षेत्र के देशों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
UAE के जलक्षेत्र में मिला ड्रोन
UAE के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके जलक्षेत्र की तरफ बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन की पहचान की गई थी। सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए उसे निष्क्रिय कर दिया। फिलहाल इस घटना में किसी तरह के नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
घटना के बाद UAE ने अपने महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। कुछ रिपोर्टों में एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन UAE के अधिकारियों ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के दावों में तथ्य नहीं है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव उस समय और बढ़ गया, जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित एक ईरानी द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं।
हालांकि, इन मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय किए जाने की बात सामने आई है। लगातार हो रही इन सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ा दी है।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि देश अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगर उस पर सैन्य हमला किया जाता है तो उसका जवाब दिया जाएगा।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता और बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी हमले की स्थिति में देश अपनी सुरक्षा के लिए निर्णायक जवाब देने को तैयार है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ा दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में मौजूद दूसरे देशों की सुरक्षा भी इससे प्रभावित हो सकती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल UAE में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय किए जाने की घटना ने यह संकेत जरूर दिया है कि क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों की गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

