22 Mar 2026, Sun

महाराष्ट्र: सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह आज ही क्यों हो रहा है; पर्दे के पीछे आखिर क्या हुआ?

सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण आज ही क्यों? इसके पीछे छिपी है पार्टी को एकजुट रखने की बड़ी वजह

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी सामने आई। इस फैसले के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह सवाल गूंजने लगा कि आखिर शपथ ग्रहण समारोह में इतनी जल्दी क्यों दिखाई गई? इसके पीछे की वजह केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि गहरी राजनीतिक रणनीति से जुड़ी हुई है।

दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के उस गुट की कमान को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी, जिसे अजित पवार ने बगावत कर खड़ा किया था। यह पार्टी न सिर्फ राजनीतिक रूप से अहम थी, बल्कि सत्ता संतुलन के लिहाज से भी बेहद जरूरी मानी जा रही थी। ऐसे में पार्टी को एक हाथ में बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया।

पर्दे के पीछे की राजनीतिक सच्चाई
जब अजित पवार ने शरद पवार से अलग होकर बगावत की थी, तब वे लगभग अकेले पड़ गए थे। पूरे पवार परिवार में से कोई भी उनके साथ खड़ा नहीं था। एक तरफ अजित पवार और उनका परिवार था, तो दूसरी तरफ शरद पवार के नेतृत्व वाला पूरा राजनीतिक कुनबा। बावजूद इसके अजित पवार ने अपनी अलग पहचान और ताकत के बल पर पार्टी को खड़ा रखा।

अब उनके निधन के बाद स्थिति बदल गई। अजित पवार द्वारा बनाई गई पार्टी और उसके विधायकों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी। जानकारी के मुताबिक, इसी वजह से शुरुआत में तैयार न होने के बावजूद सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम पद संभालने के लिए राजी किया गया।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और परिवार के भीतर यह सहमति बनी कि पहले पार्टी की कमान मजबूत हाथों में सौंपी जाए और उसके बाद ही किसी संभावित विलय या भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाए। इसी सोच के तहत तुरंत शपथ ग्रहण का फैसला लिया गया।

आज होगा शपथ ग्रहण समारोह
सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह आज ही आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले वह राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देंगी। यह इस्तीफा राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को भेजा जाएगा। इस्तीफे के बाद आज दोपहर उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा।

बताया जा रहा है कि पूरा शपथ ग्रहण समारोह केवल 10 मिनट का होगा, ताकि संवैधानिक प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके और पार्टी में किसी भी तरह की अस्थिरता को रोका जा सके।

आगे क्या होगी रणनीति?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार पहले अजित पवार के गुट को पूरी तरह संगठित करेंगी। इसके बाद ही शरद पवार गुट के साथ किसी संभावित विलय या सहयोग को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता सिर्फ एक है—अजित पवार की राजनीतिक विरासत और पार्टी को बिखरने से बचाना।

सुनेत्रा पवार का यह शपथ ग्रहण न सिर्फ एक संवैधानिक कदम है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले बड़े बदलावों का संकेत भी माना जा रहा है।

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