27 Apr 2026, Mon

‘महाभारत’ के कृष्ण की कंजी आंखों वाली रुकमणी याद हैं? ग्लैमर पर भारी पड़ा वैराग्य, चकाचौंध छोड़ बदल दी पूरी दुनिया

1980 के दशक में भारतीय टेलीविजन का स्वर्णिम दौर माना जाता है, जब Mahabharat और Ramayan जैसे धारावाहिकों ने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। इन शोज़ के किरदार आज भी लोगों की यादों में जिंदा हैं। इन्हीं में से एक खास किरदार था रुक्मणी का, जिसे अभिनेत्री Channa Ruparel ने निभाया था। उनकी सादगी, खूबसूरती और नीली आंखों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया था।

चन्ना रुपारेल ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और बाद में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। साल 1987 में उन्होंने दूरदर्शन के शो Chunauti से अपनी पहचान बनानी शुरू की। इसके बाद उन्हें बी.आर. चोपड़ा के प्रतिष्ठित धारावाहिक Mahabharat में रुक्मणी का किरदार निभाने का मौका मिला। इस भूमिका में उन्होंने इतनी सहजता और गरिमा दिखाई कि दर्शकों ने उन्हें असल जीवन में भी उसी श्रद्धा से देखना शुरू कर दिया।

हालांकि, जब उनका करियर ऊंचाइयों पर पहुंच रहा था, उसी दौरान उन्होंने अचानक इंडस्ट्री से दूरी बना ली। यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए काफी चौंकाने वाला था। लंबे समय तक पर्दे से दूर रहने के बाद, उन्होंने 1994 में मशहूर टीवी शो Swabhimaan से वापसी की। इस सीरियल में उनका ‘मेधा हेगड़े’ का किरदार काफी पसंद किया गया और उन्होंने एक बार फिर दर्शकों के दिलों में जगह बना ली।

‘स्वाभिमान’ की सफलता के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि चन्ना रुपारेल टीवी और फिल्मों में लगातार नजर आएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ प्रोजेक्ट्स में काम करने के बाद उन्होंने फिर से ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया। उनका यह निर्णय आज भी कई लोगों के लिए एक रहस्य बना हुआ है कि आखिर इतनी सफलता के बावजूद उन्होंने इंडस्ट्री क्यों छोड़ी।

मीडिया रिपोर्ट्स और उनके करीबियों के अनुसार, चन्ना का झुकाव हमेशा से आध्यात्म की ओर रहा है। वह भगवान शिव की भक्त हैं और एक शांत, सादगी भरा जीवन जीना पसंद करती हैं। आज लगभग 55 वर्ष की उम्र में वह अभिनय से पूरी तरह दूर हैं और अपना समय आध्यात्मिक गतिविधियों और निजी जीवन में बिताती हैं।

हालांकि, वह सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनके पास अभिनय में वापसी की कोई योजना नहीं है। उनकी कहानी मनोरंजन जगत के उस पहलू को उजागर करती है, जहां अपार लोकप्रियता और सफलता के बावजूद कई कलाकार आंतरिक शांति की तलाश में चकाचौंध भरी दुनिया से दूरी बना लेते हैं।

आज भी जब Mahabharat के उस दौर को याद किया जाता है, तो चन्ना रुपारेल की ‘रुक्मणी’ का किरदार जरूर याद आता है। उनकी सादगी और अभिनय ने उन्हें अमर बना दिया है, भले ही वह आज कैमरे से दूर हों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *