उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन और जमीन धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच टिहरी गढ़वाल से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें भारी बारिश के बीच एक मकान महज कुछ सेकेंड में भरभराकर गिरता दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही पास में बने एक होटल का हिस्सा भी ढह गया।
यह घटना टिहरी गढ़वाल जिले के सुरकंडा देवी क्षेत्र के पास कद्दूखाल की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले भवन की दीवारों में दरार और जमीन में हलचल होती है, फिर देखते ही देखते पूरा मकान ताश के पत्तों की तरह नीचे गिर जाता है। आसपास मौजूद लोगों में हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय भवन के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन ने खतरे को देखते हुए पहले ही प्रभावित भवनों को खाली करा लिया था।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन कमजोर हो रही है। कई जगहों पर पहाड़ दरकने, सड़कें बंद होने और भवनों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। टिहरी की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीरता को दिखाती है। जिस तेजी से मकान ढहा, उसने स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और आसपास के अन्य भवनों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। प्रशासन का फोकस अब उन इलाकों की पहचान करने पर है, जहां भारी बारिश के कारण भूस्खलन या भवन गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 9 जुलाई 2026 के पूर्वानुमान में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर पहाड़ी रास्तों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर भवनों के आसपास न रुकें। यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने को कहा गया है।
उत्तराखंड में मॉनसून के दौरान हर साल भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस बार लगातार बारिश ने खतरे को और बढ़ा दिया है। फिलहाल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और संवेदनशील इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

