13 Oct 2026, Tue

भारतीय रेल के लिए सितंबर रहा शानदार, माल ढुलाई में दर्ज हुई 6.14% की ग्रोथ; अनाज से लेकर कंटेनर तक की बढ़ी लोडिंग

भारतीय रेलवे के लिए सितंबर 2026 का महीना माल ढुलाई के लिहाज से शानदार रहा। देशभर में सामान की आवाजाही के लिए रेलवे पर बढ़ती निर्भरता के बीच माल लोडिंग और उससे होने वाली कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। खाद्यान्न, कोयला, क्लिंकर, घरेलू कंटेनर और तैयार स्टील सहित कई प्रमुख श्रेणियों में माल ढुलाई बढ़ी। इन आंकड़ों से रेलवे के माल परिवहन कारोबार में मजबूती के संकेत मिलते हैं।

सितंबर 2026 में रेलवे ने कुल 135.35 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 127.52 मिलियन टन था। इस तरह सालाना आधार पर माल ढुलाई में 6.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। माल की विभिन्न श्रेणियों में हुई वृद्धि ने इस प्रदर्शन को बेहतर बनाने में योगदान दिया।

खाद्यान्न और क्लिंकर की ढुलाई में सबसे ज्यादा तेजी

सितंबर के दौरान खाद्यान्न की माल ढुलाई में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली। इस श्रेणी में पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, क्लिंकर की लोडिंग में 20 प्रतिशत और घरेलू कंटेनर की ढुलाई में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

इसके अलावा कोयले की माल ढुलाई में 9 प्रतिशत, अन्य वस्तुओं में 8.2 प्रतिशत और मिनरल ऑयल की लोडिंग में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। तैयार स्टील की ढुलाई 5.5 प्रतिशत बढ़ी, जबकि लौह अयस्क की लोडिंग में 5.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि रेलवे के माध्यम से कृषि उत्पादों से लेकर औद्योगिक कच्चे माल और तैयार उत्पादों तक की आवाजाही में तेजी बनी हुई है। माल परिवहन में वृद्धि से कारोबारियों को बड़े पैमाने पर सामान एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए रेलवे की उपयोगिता भी सामने आती है।

बिजली घरों तक कोयले की आपूर्ति में भी बढ़ोतरी

सितंबर में रेलवे ने बिजली घरों तक घरेलू कोयले की नियमित आपूर्ति बनाए रखने पर भी ध्यान दिया। इस दौरान प्रतिदिन औसतन 443 कोयला रैक बिजली घरों के लिए भेजे गए। सितंबर 2025 में यह संख्या 397 रैक प्रतिदिन थी।

इस तरह बिजली घरों तक कोयले की आपूर्ति के लिए भेजे जाने वाले रैक में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बिजली उत्पादन के लिए कोयला महत्वपूर्ण ईंधन है, इसलिए इसकी समय पर आपूर्ति बनाए रखना जरूरी होता है। रेलवे के जरिए कोयले की ढुलाई बढ़ने से बिजली घरों तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलती है।

माल ढुलाई से रेलवे की कमाई में 1,266 करोड़ रुपये का इजाफा

माल लोडिंग में बढ़ोतरी का असर रेलवे की कमाई पर भी दिखाई दिया। सितंबर 2026 में माल ढुलाई से होने वाला राजस्व पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 1,266 करोड़ रुपये बढ़ गया। इस दौरान माल परिवहन से प्राप्त राजस्व में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

माल ढुलाई रेलवे की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कोयला, खाद्यान्न और औद्योगिक वस्तुओं की बड़ी मात्रा में आवाजाही से इस क्षेत्र की भूमिका और मजबूत होती है।

कुल मिलाकर, सितंबर 2026 में माल ढुलाई की मात्रा और उससे होने वाली कमाई में वृद्धि भारतीय रेलवे के लिए सकारात्मक संकेत है। आने वाले महीनों में भी माल परिवहन की मांग और विभिन्न वस्तुओं की लोडिंग पर नजर रहेगी। अप्रैल से सितंबर 2026 के आंकड़े भी रेलवे के प्रदर्शन का आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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