नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी हो गई है और सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई। यह भारत का इस साल तीसरा बड़ा ट्रेड डील है और पिछले पांच सालों में भारत की सातवीं बड़ी ट्रेड डील रही। खास बात यह है कि भारत ने यह सभी एग्रीमेंट विकसित देशों के साथ किए हैं।
FTA से किसानों और डेयरी सेक्टर को मिलेगा फायदा
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह FTA व्यापक और भविष्य की ओर देखने वाला है। उन्होंने बताया कि इस समझौते से भारत के किसानों और डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील सिर्फ 9 महीनों में पूरी हुई, और इसमें महिलाओं की अहम भूमिका रही।
इस साल भारत की प्रमुख ट्रेड डील
पीयूष गोयल ने बताया कि इस साल भारत ने तीन बड़ी ट्रेड डील की हैं:
जुलाई 2025 – यूनाइटेड किंगडम के साथ CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement)
18 दिसंबर 2025 – ओमान के साथ CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement)
दिसंबर 2025 – न्यूजीलैंड के साथ नया FTA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे के दौरान भारत और ओमान के बीच CEPA डील पर हस्ताक्षर किए गए थे।
कनाडा और अमेरिका के साथ FTA पर अपडेट
पीयूष गोयल ने आगे बताया कि भारत जल्द ही कनाडा के साथ FTA करने जा रहा है, जबकि अमेरिका के साथ FTA पर चल रही चर्चा एडवांस स्टेज पर है।
पिछले वर्षों में भारत की ट्रेड डील
2024 में भारत ने EFTA (European Free Trade Association) के साथ TEPA (Trade and Economic Partnership Agreement) पर हस्ताक्षर किए थे। EFTA में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। यह संगठन फ्री ट्रेड को बढ़ावा देता है।
2022 में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ CEPA और ऑस्ट्रेलिया के साथ ECTA (Economic Cooperation and Trade Agreement) पर हस्ताक्षर किए थे।
2021 में भारत ने मॉरिशस के साथ CECPA (Comprehensive Economic Cooperation and Partnership Agreement) पर समझौता किया था।
FTA का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, इन FTA से भारत के निर्यात में वृद्धि, व्यापारिक अवसरों का विस्तार और विकसित देशों के साथ आर्थिक सहयोग मजबूत होगा। खासकर कृषि, डेयरी, तकनीक और सेवा क्षेत्रों में यह समझौते भारत के लिए लाभकारी साबित होंगे।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इन FTA के जरिए भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति और निवेश आकर्षण दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले पांच सालों में विकसित देशों के साथ कुल 7 महत्वपूर्ण ट्रेड डील पूरी की हैं।
कुल मिलाकर, भारत का यह कदम वैश्विक व्यापार में उसकी भागीदारी बढ़ाने और देश के किसानों, उद्योगपतियों और निवेशकों को नए अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

