24 Feb 2026, Tue

भारत ने अपने नागरिकों को तत्काल किसी भी हालत में ईरान छोड़ने को कहा, तेहरान पर अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ी

भारत ने ईरान में अपने नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने की चेतावनी जारी की

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर कहा कि किसी भी उपलब्ध परिवहन साधनों के माध्यम से आज ही देश छोड़ें। यह चेतावनी ईरान में बढ़ते तनाव और अमेरिका द्वारा संभावित सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर दी गई है।

दूतावास की ओर से कहा गया है कि 23 फरवरी 2026 को जारी इस नई चेतावनी के अनुसार ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों – छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों – को उपलब्ध व्यावसायिक उड़ानों या अन्य साधनों के जरिए आज ही सुरक्षित बाहर निकलने की सलाह दी जाती है। यह चेतावनी भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2026 को जारी की गई पूर्व एडवाइजरी का पालन करते हुए दी गई है।

दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने यात्रा दस्तावेज जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र हमेशा तैयार रखें, विरोध प्रदर्शन और अस्थिर क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें। दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:

  • +989128109115

  • +989128109109

  • +989128109102

  • +989932179359

इसके अलावा, ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि जिन्होंने अभी तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, वे MEA की वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण कर लें। यदि इंटरनेट व्यवधान के कारण पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, तो भारत में उनके परिवार इसे करवा सकते हैं।

इस चेतावनी के पीछे प्रमुख कारण अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु संपन्न होने की स्थिति को रोकना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन की मांग है कि ईरान युरेनियम संवर्धन बंद करे, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम सीमित करे और क्षेत्रीय प्रॉक्सी मिलिशियाओं (जैसे हिज़बुल्लाह) का समर्थन बंद करे।

ईरान में 2025-26 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा, अमेरिका और इज़राइल के पिछले हमलों से ईरान की सुरक्षा स्थिति कमजोर हुई है। ट्रंप की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति के चलते तनाव बढ़ा है। अमेरिकी सैन्य बलों का मध्य पूर्व में बढ़ता बिल्डअप और दो एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती भी संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका को बढ़ा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध की स्थिति आती है तो इसका असर तेल कीमतों पर और पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा। ऐसे में दूतावास की चेतावनी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम है।

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