सेबू: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और रक्षा क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत की बात को पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी देश को उकसाने में विश्वास नहीं रखता, लेकिन यदि कोई भारत को उकसाता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाता है। उन्होंने यह बात फिलीपींस के सेबू में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कही।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में भारत की अंतरराष्ट्रीय साख, आर्थिक प्रगति, रक्षा तैयारियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है और देश की आवाज को अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से सुना जाता है।
“आज भारत बोलता है तो दुनिया ध्यान से सुनती है”
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में हुई वृद्धि को अंतरराष्ट्रीय सम्मान के रूप में भी देखा जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि 35 देशों के नेतृत्व ने भारत के प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है।
राजनाथ सिंह के अनुसार, यह भारत के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उसकी मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज भारत जब किसी मुद्दे पर अपनी बात रखता है, तो दुनिया उसे ध्यान से सुनती है।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी रेखांकित किया कि भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
उकसावे पर कड़ा जवाब देने की बात
राजनाथ सिंह ने भारत की सुरक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन उकसाए जाने की स्थिति में कड़ा जवाब देने में पीछे नहीं हटता। उनका यह बयान भारत की रक्षा तैयारियों और सुरक्षा से जुड़े रुख के संदर्भ में आया।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। उनके संबोधन में भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी स्थिति प्रमुख विषय रहे।
“पूरी दुनिया को परिवार मानता है भारत”
राजनाथ सिंह ने भारत की सांस्कृतिक परंपरा और वैश्विक सहयोग की सोच का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत में विश्वास करता है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की व्यापकता का उदाहरण देते हुए नाग पंचमी का जिक्र किया, जब सांपों की भी पूजा की जाती है। उनके मुताबिक, यह परंपरा भारत की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें सभी के प्रति सम्मान और सह-अस्तित्व को महत्व दिया जाता है।
आर्थिक प्रगति और रक्षा क्षमता पर जोर
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति, रक्षा तैयारियों और भ्रष्टाचार रोकने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इन क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को देश की बढ़ती प्रतिष्ठा से जोड़कर प्रस्तुत किया।
फिलीपींस में दिया गया यह संबोधन भारत के सुरक्षा संबंधी रुख, वैश्विक सहयोग और सांस्कृतिक दर्शन पर केंद्रित रहा। राजनाथ सिंह के बयान में एक ओर राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृढ़ता दिखाई दी, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग और शांति की भावना पर भी जोर दिया गया।

