नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक प्रेरणादायक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पिता अपनी दोनों बेटियों को आत्मरक्षा और संतुलन का अभ्यास कराते हुए नजर आ रहा है। वीडियो ने लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और इंटरनेट यूजर्स पिता की सोच और बेटियों की प्रतिभा की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि आज के दौर में लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बेहद साधारण घरेलू सामान की मदद से अपनी बेटियों को अभ्यास करा रहा है। वह पहले एक टेबल पर उल्टी रखी बाल्टी के ऊपर दो प्लास्टिक की बोतलें रखता है। इसके बाद वह हवा में उछलकर एक सटीक किक से दोनों बोतलों को गिराकर दिखाता है। फिर वह कठिनाई का स्तर बढ़ाते हुए तीन बोतलें रखता है और उन्हें भी एक ही किक में गिरा देता है।
इसके बाद वह अपनी दोनों बेटियों को वही अभ्यास दोहराने के लिए कहता है। वीडियो में दोनों बच्चियां बारी-बारी से अपने पिता की तरह संतुलन बनाते हुए सटीक किक लगाती हैं और बोतलों को सफलतापूर्वक गिरा देती हैं। उनकी फुर्ती, आत्मविश्वास और तकनीक देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर @KantInEastt नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में लिखा गया है कि, “भारत के असम में एक पिता अपनी बेटियों को भविष्य की योद्धाओं की तरह तैयार कर रहा है।” पोस्ट वायरल होने के बाद इसे हजारों लोग देख चुके हैं और लगातार शेयर भी कर रहे हैं।
वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, “हर घर में बेटियों को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग जरूर दी जानी चाहिए।” दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “आप किसी को तभी योद्धा बना सकते हैं, जब आप खुद एक योद्धा हों। यह पिता अपनी बेटियों के लिए प्रेरणा है।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “आज के समय में बेटियों का आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना बेहद जरूरी है।”
विशेषज्ञों का भी मानना है कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण केवल किसी खतरे से बचने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, शारीरिक संतुलन और मानसिक मजबूती भी विकसित होती है। खासकर लड़कियों के लिए मार्शल आर्ट और सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करती है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है कि यह कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था। सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावे के अनुसार यह वीडियो असम का बताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
फिर भी, यह वीडियो एक सकारात्मक संदेश जरूर देता है कि बेटियों को केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और शारीरिक रूप से मजबूत बनने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए। जिस तरह इस पिता ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी बेटियों को आत्मविश्वास और कौशल सिखाने की कोशिश की है, वह कई परिवारों के लिए प्रेरणा बन सकती है। यही वजह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे बेटियों के सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बता रहे हैं।

