28 Apr 2026, Tue

बेंगलुरु में रात 1 बजे पीजी में भड़की आग, 30 लड़कियों ने कूदकर बचाई जान; CCTV में कैद भयावह पल

बेंगलुरु PG में भीषण आग: देर रात लगी आग से मची अफरा-तफरी, 30 से ज्यादा युवतियों ने कूदकर बचाई जान

कर्नाटक की राजधानी Bengaluru में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक महिला पेइंग गेस्ट (PG) में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना नंदिनी लेआउट इलाके में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब पौने 1 बजे हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत आग की चपेट में
जानकारी के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में चार मंजिला पीजी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग और घने धुएं के कारण इमारत से बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए, जिससे अंदर रह रही युवतियां फंस गईं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग पास की एक LED बैनर दुकान की वायरिंग में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई और तेजी से फैलते हुए पीजी बिल्डिंग तक पहुंच गई।

30 से ज्यादा युवतियों ने कूदकर बचाई जान
आग बढ़ती देख पीजी में रह रही लगभग 30 से अधिक युवतियों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए कई युवतियां खिड़कियों और बालकनी से नीचे कूदने को मजबूर हो गईं। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें घबराहट में लड़कियों को इमारत से कूदते हुए देखा जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

समय रहते बची बड़ी त्रासदी
दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। चश्मदीदों के मुताबिक, अगर थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

पुलिस ने शुरू की जांच
Bengaluru Police ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

फायर विभाग भी यह जांच कर रहा है कि इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पीजी और हॉस्टल्स की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ते पीजी हाउस में फायर सेफ्टी सिस्टम की कमी बड़ी समस्या बनती जा रही है।

निष्कर्ष
बेंगलुरु का यह हादसा एक बड़ा सबक है कि शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है। समय रहते की गई कार्रवाई ने कई जिंदगियों को बचा लिया, लेकिन यह घटना सुरक्षा तैयारियों की गंभीर समीक्षा की जरूरत भी बताती है।

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