Delhi Metro Rules: महिला कोच में घुसने पर ₹5000 तक जुर्माना, नए विधेयक में सख्त नियमों का प्रस्ताव
राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Delhi Metro Rail Corporation से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार ने जन विश्वास (विधियों में संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस विधेयक के तहत मेट्रो में अनुशासनहीन व्यवहार करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस नए प्रस्ताव के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करने वाले पुरुषों पर अब ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वर्तमान में इस उल्लंघन के लिए केवल ₹250 तक का जुर्माना या तीन महीने की कैद का प्रावधान है। नए नियम लागू होने पर कैद की सजा को खत्म कर केवल आर्थिक दंड पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा, मेट्रो कोच या परिसर में दीवारों या सीटों पर लिखने, गंदगी फैलाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस तरह के मामलों में अधिकतम ₹1000 तक का जुर्माना या छह महीने की कैद का प्रावधान था, लेकिन नए विधेयक के तहत जुर्माना बढ़ाकर ₹10,000 तक किया जा सकता है। इससे साफ है कि सरकार सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ा रुख अपनाने जा रही है।
यह विधेयक शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada द्वारा संसद में पेश किया गया। इसका उद्देश्य पुराने आपराधिक प्रावधानों को हटाकर उनकी जगह आर्थिक दंड लागू करना है, जिससे कानून का पालन सुनिश्चित हो सके और न्यायिक प्रक्रिया भी सरल बने।
मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 में संशोधन के जरिए कई अन्य नियमों को भी सख्त किया जा रहा है। मौजूदा समय में नशे में यात्रा करने, झगड़ा करने, थूकने, फर्श पर बैठने या आपत्तिजनक सामग्री ले जाने पर ₹500 तक का जुर्माना लगाया जाता है। प्रस्तावित बदलाव के तहत इसे बढ़ाकर ₹2500 तक किया जाएगा।
नए नियमों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के प्रावधानों को शामिल किया जाएगा। इससे कानूनों को आधुनिक बनाने और उन्हें वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की कोशिश की जा रही है।
विशेष रूप से महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला कोच से जुड़े नियमों को और सख्त बनाया गया है। दिल्ली मेट्रो में महिला कोच पहले से ही महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आरक्षित है, लेकिन कई बार पुरुषों के उसमें घुसने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव एक मजबूत निवारक कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी जरूरी है। अगर ये संशोधन लागू होते हैं, तो दिल्ली मेट्रो में अनुशासन और सुरक्षा दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, जन विश्वास विधेयक 2026 के तहत प्रस्तावित ये बदलाव न केवल यात्रियों के व्यवहार को नियंत्रित करने की दिशा में अहम हैं, बल्कि मेट्रो को एक सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बनाने में भी मदद करेंगे।

