23 Sep 2026, Wed

‘बदतमीज हैं’, न्यू मदर्स को ट्रोल करने वालों को परिणीति ने सुनाई खरी-खरी, बोलीं- स्‍ट्रेच मार्क्‍स को बुरा कहने वाले अनपढ़

अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने नई मांओं को लेकर होने वाली बॉडी शेमिंग पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में बदलाव आना पूरी तरह स्वाभाविक प्रक्रिया है। ऐसे में वजन बढ़ने, स्ट्रेच मार्क्स या शरीर में आए दूसरे बदलावों को लेकर किसी महिला को ट्रोल करना या उसके बारे में नकारात्मक टिप्पणी करना सही नहीं है। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि उन्हें अनजान लोगों की बातों को अपनी जिंदगी पर हावी नहीं होने देना चाहिए।

महिलाओं के शरीर पर टिप्पणी करना क्यों जरूरी?

परिणीति ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें यह बात समझ नहीं आती कि किसी महिला के शरीर को लेकर इतनी चर्चा क्यों की जाती है। खासकर जब कोई महिला मां बनती है, तो उसके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। गर्भावस्था के दौरान करीब नौ महीने तक शरीर एक बड़े बदलाव से गुजरता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद वजन, त्वचा और शरीर के आकार में परिवर्तन होना सामान्य बात है।

अभिनेत्री के मुताबिक, इन बदलावों को शर्मिंदगी की वजह मानने के बजाय मातृत्व से जोड़कर देखा जाना चाहिए। किसी महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है और उसके शरीर पर नजर आने वाले निशान या बदलाव उसी सफर का हिस्सा हैं। इसलिए इन चीजों को लेकर मजाक बनाना या आलोचना करना उचित नहीं है।

वजन को लेकर नकारात्मक कमेंट पर सवाल

परिणीति ने यह भी सवाल उठाया कि नई मां के बारे में बात करते समय सबसे पहले उसके वजन या शरीर के आकार पर ध्यान क्यों दिया जाता है। उनके अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद महिला और उसके नवजात बच्चे की खुशी ज्यादा महत्वपूर्ण होनी चाहिए। किसी महिला का वजन कितना बढ़ा या घटा, इस आधार पर उसके बारे में राय बनाना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है।

उन्होंने उन लोगों पर भी सवाल उठाया जो सोशल मीडिया या सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं के शरीर को लेकर बिना सोचे-समझे टिप्पणी करते हैं। उनके मुताबिक, किसी की शारीरिक स्थिति को लेकर टिप्पणी करने से पहले यह समझना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति किस दौर से गुजर रहा है।

सोशल मीडिया की बातों को ज्यादा तवज्जो नहीं देतीं परिणीति

परिणीति ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर अपने बारे में होने वाली चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं देतीं। वह सोशल मीडिया पर बहुत अधिक समय नहीं बितातीं, इसलिए कई बार उन्हें यह भी पता नहीं चलता कि लोग उनके बारे में क्या लिख रहे हैं। अगर कभी कोई टिप्पणी या चर्चा उनके सामने आती भी है, तो वह उसे खुद पर हावी नहीं होने देतीं।

अभिनेत्री का कहना है कि उनकी प्राथमिकताएं उनकी जिंदगी, परिवार और करीबी लोगों से जुड़ी हैं। अनजान लोगों की राय पर अपना समय और ऊर्जा खर्च करना उन्हें जरूरी नहीं लगता। उन्होंने महिलाओं को भी यही संदेश दिया कि उन्हें दूसरों की नकारात्मक बातों के बजाय खुद पर और अपनी जिंदगी पर ध्यान देना चाहिए।

स्ट्रेच मार्क्स को शर्मिंदगी नहीं, मातृत्व की निशानी मानें

परिणीति के मुताबिक, महिलाओं के शरीर पर गर्भावस्था के बाद दिखाई देने वाले स्ट्रेच मार्क्स या अन्य बदलावों को लेकर शर्म महसूस करने की जरूरत नहीं है। ये बदलाव मातृत्व की यात्रा का हिस्सा हैं। उनका संदेश साफ है कि किसी महिला की खूबसूरती या उसकी पहचान को केवल उसके शरीर के आकार और वजन से नहीं आंका जाना चाहिए।

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