7 Apr 2026, Tue

बड़ी गिरावट के साथ शेयर बाजार ने की शुरुआत, सेंसेक्स 385 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 से नीचे

वैश्विक तनाव के बीच गिरावट के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के असर से बाजार खुलते ही दबाव में आ गया। सुबह 9:18 बजे बीएसई सेंसेक्स 384 अंकों से ज्यादा गिरकर 72,935 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी भी करीब 116 अंकों की गिरावट के साथ 22,596 के स्तर पर पहुंच गया।

विश्लेषकों का मानना है कि बाजार पर दबाव की बड़ी वजह डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए गए सख्त बयान और बढ़ता सैन्य तनाव है। इससे वैश्विक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है और जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बढ़ी है।

शुरुआती कारोबार में बाजार का व्यापक रुझान भी कमजोर रहा। लगभग 1370 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि 1471 शेयर गिरावट में रहे और 255 शेयर बिना किसी बदलाव के ट्रेड करते नजर आए। इससे साफ है कि बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5% तक नीचे रहे। हालांकि सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 2% की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स भी करीब 1% चढ़ा।

दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फार्मा सेक्टर में 0.5% से 1% तक की गिरावट देखी गई। इसके अलावा ऑटो, बैंकिंग, आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स सेक्टर में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार को कुछ सहारा देती नजर आई।

स्टॉक्स की बात करें तो टॉप गेनर्स में ट्रेंट, हिंदाल्को, कोल इंडिया, श्रीराम फाइनेंस और टाइटन शामिल रहे। वहीं टॉप लूजर्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, अडानी पोर्ट्स, कोटक बैंक और मैक्स हेल्थकेयर जैसे बड़े नाम शामिल रहे।

इस बीच मुद्रा बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 33 पैसे मजबूत होकर 92.85 के स्तर पर पहुंच गया। इस मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियमों को माना जा रहा है, जिसमें बैंकों की नेट ओपन पोजिशन की सीमा घटाकर 100 मिलियन डॉलर कर दी गई है, ताकि सट्टेबाजी पर लगाम लगाई जा सके।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 करीब 1.1% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.5% मजबूत हुआ। हालांकि कुछ बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। इनमें कंपनियों के तिमाही नतीजे, सेक्टर से जुड़ी खबरें और वैश्विक आर्थिक संकेत शामिल हैं। खासतौर पर बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

इसके अलावा निवेशकों की नजर इस बात पर भी बनी रहेगी कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव किस दिशा में जाता है। अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर न केवल वैश्विक बाजारों बल्कि भारतीय बाजार पर भी गहरा पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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