नई दिल्ली में दिए गए एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत लहर चल रही है और आने वाले समय में सत्ता परिवर्तन संभव है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि All India Trinamool Congress (टीएमसी) के शासन में पश्चिम बंगाल की स्थिति खराब हुई है और अब जनता बदलाव चाहती है।
रिजिजू ने समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा की नीतियां जमीनी स्तर तक पहुंच रही हैं। उनके मुताबिक, लोगों को यह महसूस हो रहा है कि राज्य को फिर से विकास की राह पर लाने के लिए भाजपा ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को दोबारा देश का आर्थिक इंजन बनाना भाजपा का लक्ष्य है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक समय था जब पश्चिम बंगाल देश के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाता था और पूर्वोत्तर भारत भी कई मामलों में उस पर निर्भर था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। रिजिजू के अनुसार, कांग्रेस, वामपंथी दलों और टीएमसी की सरकारों ने मिलकर राज्य को पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया है, जिसके चलते प्रति व्यक्ति आय जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों में भी गिरावट आई है।
मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) के मुद्दे पर भी रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को साफ और पारदर्शी बनाना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, अवैध निवासियों, मृत व्यक्तियों और गैर-नागरिकों के नाम सूची से हटाए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है, जबकि यह चुनाव प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए जरूरी कदम है।
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर किए गए कटाक्षों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने कहा कि जो भी नेता प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाता है, उसका राजनीतिक ग्राफ नीचे जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता ऐसे नेताओं को पसंद नहीं करती जो देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर माहौल गर्म होता जा रहा है और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। भाजपा जहां राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं टीएमसी भी अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
कुल मिलाकर, किरण रिजिजू का यह बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आरोप-प्रत्यारोप की झलक दिखाता है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा अपने दावों को हकीकत में बदल पाती है या टीएमसी अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहती है।

