नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते जंक फूड के सेवन के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह बीमारी केवल अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पोषक तत्वों को प्रोसेस करने जैसे कई जरूरी कार्य करता है। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फैटी लिवर की समस्या शुरुआती चरण में है तो कुछ स्वस्थ आदतों को अपनाकर इसकी स्थिति में सुधार किया जा सकता है। खासतौर पर सुबह की कुछ अच्छी आदतें लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में मदद कर सकती हैं।
सुबह की शुरुआत करें गुनगुने पानी से
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिन की शुरुआत चाय या कॉफी के बजाय एक से दो गिलास गुनगुने पानी से करनी चाहिए। गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है।
कुछ लोग आंवला जूस, हल्दी वाला पानी या अजवाइन का पानी भी अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
फाइबर से भरपूर रखें अपनी डाइट
फैटी लिवर के मरीजों के लिए संतुलित और फाइबर युक्त भोजन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, चुकंदर, खीरा, टमाटर और सलाद जैसे खाद्य पदार्थ पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि फाइबर युक्त आहार वजन नियंत्रण में भी सहायक होता है, जो फैटी लिवर की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जंक फूड और मीठे खाद्य पदार्थों से बनाएं दूरी
फैटी लिवर के प्रमुख कारणों में अत्यधिक शक्कर, प्रोसेस्ड फूड और ट्रांस फैट का सेवन शामिल है। डॉक्टरों की सलाह है कि पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, फास्ट फूड और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए।
इन खाद्य पदार्थों की जगह ताजे फल, साबुत अनाज और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।
शरीर को रखें हाइड्रेटेड
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना लिवर और किडनी दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमतौर पर दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह देते हैं। पर्याप्त पानी शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
शराब और धूम्रपान से करें परहेज
विशेषज्ञों के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं धूम्रपान भी शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है, जिसका असर लिवर सहित कई अंगों पर पड़ सकता है।
इसलिए फैटी लिवर या अन्य लिवर संबंधी समस्याओं से बचने के लिए शराब और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना जरूरी है।
ध्यान रखें
लिवर को “डिटॉक्स” करने के दावों वाले कई घरेलू उपायों के लिए वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। यदि आपको फैटी लिवर, लिवर एंजाइम बढ़ने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की शिकायत है, तो स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है। सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली ही लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने की सबसे प्रभावी कुंजी मानी जाती है।

