गुना में फसल खरीद केंद्र पर रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, किसान ने लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के गुना जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां फसल खरीद केंद्र पर तैनात एक सर्वेयर द्वारा किसानों से खुलेआम रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और किसानों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पगारा सेवा सहकारी समिति मर्यादित खरीदी केंद्र (बिलोनिया वेयरहाउस) का है, जहां समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज खरीदी जाती है। आरोप है कि यहां तैनात सर्वेयर वीरेंद्र यादव किसानों से उनकी फसल पास कराने के बदले 2000 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहा था। वायरल वीडियो में उसे 700 रुपये की रिश्वत लेते हुए भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
पीड़ित किसान सुरेंद्र धाकड़, निवासी ग्राम पूनमखेड़ी, ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है। उनका कहना है कि वे 65 क्विंटल मसूर लेकर केंद्र पर पहुंचे थे, लेकिन उनकी फसल को पास कराने के लिए उनसे 3000 रुपये की मांग की गई। मजबूरी में उन्होंने रिश्वत दी, जिसके बाद उनका माल पास किया गया।
किसानों का आरोप है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि केंद्र पर आने वाले हर किसान से इसी तरह की वसूली की जा रही है। जो किसान रिश्वत देने से इनकार करते हैं, उनकी फसल को रिजेक्ट करने की धमकी दी जाती है। वहीं, जो पैसे दे देते हैं, उनका खराब माल भी आसानी से पास कर दिया जाता है। इससे किसानों में भारी नाराजगी और आक्रोश है।
इस भ्रष्टाचार का वीडियो भी पीड़ित किसान द्वारा रिकॉर्ड किया गया है, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर सर्वेयर को पैसे लेते और मोलभाव करते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
किसानों ने इस मामले को लेकर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी सर्वेयर वीरेंद्र यादव के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसे सेवा से हटाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी खरीद केंद्रों में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि वे अपनी मेहनत की फसल बेचने आते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि इस वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या किसानों को न्याय मिल पाता है या नहीं।

