17 Jul 2026, Fri

प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम से भरपूर नाश्ता, 1 कटोरी खाने से दोपहर तक पेट भरा रहेगा, आसान है रेसिपी

नई दिल्ली: लौकी को सेहत के लिए सबसे फायदेमंद सब्जियों में से एक माना जाता है। इसमें पानी, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। कई लोग सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग इसकी सब्जी, रायता या अन्य व्यंजन बनाकर खाते हैं। अगर आपके पास मिक्सर या जूसर नहीं है, तब भी आप घर पर बेहद आसानी से लौकी का ताजा जूस निकाल सकते हैं। इतना ही नहीं, जूस निकालने के बाद बची हुई लौकी को फेंकने की जरूरत नहीं है। उससे स्वादिष्ट और पौष्टिक पराठे भी तैयार किए जा सकते हैं।

बिना मिक्सर के ऐसे निकालें लौकी का जूस

सबसे पहले ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली लौकी चुनें। लौकी को काटकर एक छोटा टुकड़ा चख लें और यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें कड़वाहट न हो। यदि लौकी कड़वी लगे तो उसका सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि कड़वी लौकी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

अब लौकी को अच्छी तरह धोकर उसका छिलका उतार लें। इसके बाद उसे बारीक या मीडियम आकार के कद्दूकस से कद्दूकस कर लें। कद्दूकस की हुई लौकी को एक साफ मलमल या पतले सूती कपड़े में रखें। कपड़े को अच्छी तरह बांधकर किसी बर्तन के ऊपर जोर से निचोड़ें। कुछ ही मिनटों में ताजा लौकी का जूस निकल आएगा। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां या काला नमक मिला सकते हैं।

बची हुई लौकी से बनाएं स्टफ्ड पराठा

जूस निकालने के बाद जो लौकी का रेशा (फाइबर) बचता है, वह भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे फेंकने के बजाय स्वादिष्ट पराठा बनाया जा सकता है।

सबसे पहले बची हुई लौकी को एक बर्तन में निकालें। इसमें बारीक कटा हरा धनिया, हरी मिर्च, स्वादानुसार नमक, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा चाट मसाला मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। अब गेहूं के आटे का नरम आटा गूंथ लें। छोटी लोई बेलकर उसके बीच में तैयार स्टफिंग भरें और सावधानी से पराठा बेल लें। इसके बाद गर्म तवे पर दोनों तरफ घी या तेल लगाकर सुनहरा होने तक सेकें। तैयार पराठे को दही, अचार या हरी चटनी के साथ परोसें।

दूसरा आसान तरीका

यदि आपको स्टफ्ड पराठा बेलने में परेशानी होती है या पराठा बार-बार फट जाता है, तो एक आसान तरीका भी अपनाया जा सकता है। इसके लिए गेहूं के आटे में सीधे बची हुई लौकी का मिश्रण मिला दें। फिर इसमें नमक, लाल मिर्च, हरा धनिया, हरी मिर्च और अपनी पसंद के मसाले डालकर नरम आटा गूंथ लें। इस आटे से सामान्य पराठों की तरह गोल या तिकोने पराठे बेलकर तवे पर सेंक लें। यह तरीका आसान होने के साथ-साथ समय भी बचाता है।

लौकी के सेवन के संभावित फायदे

लौकी में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन तंत्र को सहायता मिल सकती है और शरीर हाइड्रेटेड रहता है। फाइबर युक्त पराठा लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य लाभ को लेकर व्यक्ति विशेष की स्थिति अलग हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा ताजी और बिना कड़वाहट वाली लौकी का ही उपयोग करें। यदि लौकी का स्वाद कड़वा हो तो उसका जूस या सब्जी बिल्कुल न बनाएं। साथ ही, यदि आपको किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या है या आप किसी विशेष डाइट का पालन कर रहे हैं, तो नियमित रूप से लौकी का जूस पीने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

घर पर आसानी से बनने वाली यह रेसिपी न केवल पोषण से भरपूर है, बल्कि फूड वेस्टेज को भी कम करने का शानदार तरीका है। लौकी का जूस और उसी से बने पराठे स्वाद और सेहत का बेहतरीन संयोजन साबित हो सकते हैं।

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