11 Feb 2026, Wed

पौराणिक कथा पर बनी शॉर्ट फिल्म, एक सेकेंड के लिए भी नहीं झपकने देती पलकें, क्लाइमेक्स छुड़ा देता है पसीना

नई दिल्ली: थ्रिलर, क्राइम और सस्पेंस से भरी फिल्में और शॉर्ट फिल्में दर्शकों को हमेशा अपनी सीट से बांधती हैं। ऐसे में 2015 में रिलीज़ हुई शॉर्ट फिल्म ‘अहल्या’ ने केवल 14 मिनट में दर्शकों का दिल जीत लिया। सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी यह फिल्म यूट्यूब पर उपलब्ध है और इसके 22 मिलियन से ज्यादा व्यूज इसे बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।

पौराणिक कथा से प्रेरित

‘अहल्या’ फिल्म रामायण की पौराणिक कथा पर आधारित है, जिसमें अहल्या के किरदार को आधुनिक रूप में पेश किया गया है। फिल्म में नारीवाद की झलक भी देखने को मिलती है, जिससे कहानी में गहराई और नई पहचान आती है। राधिका आप्टे ने अहल्या के किरदार को जीवंत किया है, जबकि सौमित्र चटर्जी, तोता रॉय चौधरी, आयुष्मान मित्रा और ध्रुव लाल ने अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।

कहानी में है सस्पेंस और थ्रिलर

फिल्म की कहानी अहल्या और उसके पति गौतम के इर्द-गिर्द घूमती है। यह जोड़े उन लोगों को सजा देते हैं जो अहल्या के करीब आने की कोशिश करते हैं। कहानी इंस्पेक्टर इंद्र के आगमन से शुरू होती है, जो लापता व्यक्ति अर्जुन की तलाश में गौतम के घर आता है।

जैसे ही इंद्र, गौतम के घर में प्रवेश करता है, वह अहल्या से मिलता है और उस पर मोहित हो जाता है। इसके बाद फिल्म में कई रहस्यमयी और थ्रिलर सीन दिखाए जाते हैं। इंद्र घर के ऊपर कमरे में जाता है, जहां उसे एक जादुई पत्थर दिखता है। गौतम बताता है कि यह पत्थर जिसे भी छूता है, वह वही बन जाता है जो वह चाहता है।

क्लाइमैक्स में है चौंकाने वाला मोड़

इंद्र जब पत्थर को देखकर अहल्या के पास जाता है और उसे छूता है, तो उसकी असली पहचान बदल जाती है और वह मूर्ति में बदल जाता है। इस घटना के साथ फिल्म का सस्पेंस और थ्रिलर चरम पर पहुँचता है।

फिल्म की खासियत

संक्षिप्त लेकिन दमदार: सिर्फ 14 मिनट की शॉर्ट फिल्म में पूरा सस्पेंस और थ्रिलर का फ्लेवर मौजूद है।

पौराणिक कथा का आधुनिक रूपांतरण: रामायण की कहानी को नए अंदाज में पेश किया गया है।

उत्कृष्ट अभिनय: राधिका आप्टे और बाकी कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन किया।

यूट्यूब पर उपलब्ध: दर्शक कहीं भी इस फिल्म को देख सकते हैं और इसकी कहानी का आनंद ले सकते हैं।

शॉर्ट फिल्म ‘अहल्या’ यह साबित करती है कि लंबे समय तक चलने वाली फिल्में ही नहीं, बल्कि छोटे समय की फिल्में भी दर्शकों को पूरी तरह बांध सकती हैं। अगर आप सस्पेंस, क्राइम और पौराणिक कहानी का मज़ा एक साथ लेना चाहते हैं, तो यह शॉर्ट फिल्म आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।

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