महाराष्ट्र के पुणे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 3 नवंबर को पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने से शहर के प्रमुख आईटी हब हिंजवड़ी और शिवाजीनगर के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के तहत चार नए कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी जाएगी। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 21,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी पिंक लाइन
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का निर्माण 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। प्रधानमंत्री दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। यह लाइन मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जाएगी और हिंजवड़ी के आईटी क्षेत्र को शिवाजीनगर से जोड़ेगी।
इस रूट के शुरू होने से आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक जाम के कारण यात्रियों को कई बार लंबा समय बिताना पड़ता है। मेट्रो सेवा का विस्तार होने से सड़क पर निजी वाहनों का दबाव कम करने और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
महिला ऑपरेटर करेंगी मेट्रो कॉरिडोर का संचालन
नई पिंक लाइन की एक खास विशेषता यह है कि पूरे कॉरिडोर का संचालन महिला ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। यह पहल सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा, मेट्रो की बिजली संबंधी जरूरतों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की योजना है। इससे पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। बढ़ते शहरी यातायात के बीच ऐसी परिवहन परियोजनाएं प्रदूषण कम करने में भी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
दूसरे चरण में चार नए मेट्रो कॉरिडोर की योजना
पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत चार नए कॉरिडोर विकसित करने की योजना है, जिन पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रस्तावित मार्गों में वनाज से चांदनी चौक तक लाइन 2A, रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक लाइन 2B और खराड़ी से खड़कवासला तक लाइन 4 शामिल हैं। इन मार्गों के विकास से शहर के अलग-अलग इलाकों के बीच मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा। इससे यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद
पुणे में तेजी से बढ़ती आबादी, आईटी कंपनियों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।
नई पिंक लाइन और प्रस्तावित कॉरिडोर के तैयार होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को समय बचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रैफिक पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने यात्री मेट्रो का उपयोग करते हैं और नए मार्गों का संचालन कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है।

