21 Oct 2026, Wed

पानी और हवा के बाद अब एनर्जी सेक्टर में KENT RO की एंट्री, लॉन्च की लिथियम बैटरी और सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर की नई रेंज

नई दिल्ली: वाटर प्यूरीफायर के कारोबार में अपनी पहचान बना चुकी KENT अब ऊर्जा क्षेत्र में भी विस्तार करने जा रही है। कंपनी ने अपने नए डिवीजन KENT New Energy के तहत लिथियम बैटरी, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर और स्मार्ट पावर बैकअप उत्पादों की नई रेंज पेश की है। कंपनी का उद्देश्य घरों और अन्य उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत देने के साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

इस नए कारोबार के लिए कंपनी ने नोएडा में करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश किया है। ऊर्जा क्षेत्र में यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब घरेलू स्तर पर सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज और बिजली के वैकल्पिक स्रोतों की मांग बढ़ रही है। कंपनी का फोकस ऐसे उत्पाद उपलब्ध कराने पर है, जिनसे बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सके।

16 kWh तक की क्षमता वाली लिथियम बैटरियां लॉन्च

कंपनी ने सोलर एनर्जी स्टोरेज के लिए 5.1 kWh, 11.8 kWh और 16 kWh क्षमता वाली लिथियम बैटरियां पेश की हैं। इन बैटरियों में सोलर पैनल या ग्रिड से मिलने वाली बिजली स्टोर की जा सकती है, जिसका इस्तेमाल बिजली आपूर्ति बाधित होने पर किया जा सकेगा।

कंपनी के अनुसार, इन बैटरियों को 6,000 से अधिक चार्जिंग साइकल के लिए तैयार किया गया है और इन पर 10 साल की वारंटी दी जाएगी। हालांकि, बैटरी का वास्तविक प्रदर्शन उसके इस्तेमाल, रखरखाव और परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

इसके साथ ही 3 kW से 15 kW तक की क्षमता वाले सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर भी लॉन्च किए गए हैं। ये सिस्टम सोलर पैनल, बैटरी और ग्रिड से आने वाली बिजली को मैनेज करने के लिए बनाए गए हैं। इससे उपभोक्ता अपनी जरूरत और उपलब्ध बिजली के स्रोत के अनुसार ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकेंगे।

22 हजार रुपये से शुरू होगी लिथियम बैटरी की कीमत

कंपनी ने घरेलू इन्वर्टर और यूपीएस के लिए 12 वोल्ट और 24 वोल्ट वाली लिथियम बैटरियां भी पेश की हैं। इनकी शुरुआती कीमत 22,000 रुपये रखी गई है। कंपनी का दावा है कि पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों की तुलना में इनका इस्तेमाल करने से 10 साल में 30,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि, यह बचत इस्तेमाल की अवधि, बिजली की खपत, बैटरी की कीमत और रखरखाव जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।

नई रेंज में ऑल-इन-वन इन्वर्टर भी शामिल है, जिसमें इन्वर्टर और बैटरी को एक ही यूनिट में जोड़ा गया है। इसके अलावा, मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति और बिजली के इस्तेमाल पर नजर रखने की सुविधा भी दी गई है।

एक साथ तीन एसी चलाने का दावा

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर महेश गुप्ता के मुताबिक, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर की खासियत यह है कि उपयुक्त क्षमता और सिस्टम कॉन्फिगरेशन के साथ यह एक साथ तीन एयर कंडीशनर चलाने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, वास्तविक क्षमता एसी की पावर रेटिंग, इन्वर्टर की क्षमता और बैटरी तथा सोलर सिस्टम की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में बिजली आपूर्ति नियमित नहीं रहती, वहां सोलर इन्वर्टर और बैटरी स्टोरेज उपयोगी साबित हो सकते हैं।

ऊर्जा कारोबार में विस्तार की तैयारी

KENT का नया कदम कंपनी के पारंपरिक वाटर प्यूरीफायर कारोबार से आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है। लिथियम बैटरी और सोलर इन्वर्टर के बाजार में पहले से कई कंपनियां मौजूद हैं, इसलिए कीमत, उत्पाद की गुणवत्ता, वारंटी और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अब देखना होगा कि कंपनी अपनी नई रेंज के जरिए ऊर्जा बाजार में कितनी मजबूत जगह बना पाती है।

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