21 Feb 2026, Sat

पाकिस्तानी खिलाड़ी अब इस विदेशी लीग में खेलेंगे, कब होगा इसके लिए ऑक्शन

द हंड्रेड ऑक्शन से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों की दावेदारी, लेकिन बिकने की उम्मीद कम

स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय ICC Men’s T20 World Cup में हिस्सा ले रही है और सुपर-8 में पहुंच चुकी है। हालांकि आगे का सफर कैसा रहेगा, इस पर संशय बना हुआ है। इसी बीच खबर है कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग The Hundred के आगामी सीजन के लिए अपना नाम रजिस्टर कराया है। अगले महीने होने वाले ऑक्शन से पहले यह चर्चा तेज है कि क्या इन खिलाड़ियों पर बोली लगेगी या नहीं।

63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कराया रजिस्ट्रेशन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने द हंड्रेड के लिए अपना नाम दिया है। इनमें पाकिस्तान के मौजूदा कप्तान Salman Ali Agha, पूर्व कप्तान Shaheen Shah Afridi, सलामी बल्लेबाज Saim Ayub और स्पिनर Usman Tariq जैसे खिलाड़ी शामिल बताए जा रहे हैं। सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट खेलने वाले कई खिलाड़ियों ने भी लीग में खेलने की इच्छा जताई है।

आठ टीमों की लीग, भारतीय स्वामित्व का दबदबा

द हंड्रेड में कुल आठ टीमें हिस्सा लेती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश टीमों में भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी है या उनका सीधा कनेक्शन इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजियों से है। यही कारण है कि ऑक्शन से पहले ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बच सकती हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लीग की कई टीमें रणनीतिक कारणों से पाकिस्तान के खिलाड़ियों को साइन करने के मूड में नहीं हैं। ऑक्शन 11 और 12 मार्च को आयोजित किया जाएगा, जहां इस बात पर अंतिम फैसला होगा कि किन खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट मिलता है।

आईपीएल फ्रेंचाइजियों का प्रभाव

द हंड्रेड से जुड़ी कई फ्रेंचाइजियों का संबंध Indian Premier League की टीमों से है। उदाहरण के तौर पर Mumbai Indians, Delhi Capitals, Lucknow Super Giants और Sunrisers Hyderabad जैसी टीमें अलग-अलग विदेशी लीग्स में भी निवेश रखती हैं। अब तक आईपीएल या उससे जुड़ी अन्य लीगों में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी हिस्सा नहीं लेता रहा है।

क्रिकबज की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर दांव लगाने के बारे में फिलहाल विचार नहीं कर रही हैं। अगर ऐसा होता है तो बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन के बावजूद कई खिलाड़ियों का अनसोल्ड रहना तय माना जा रहा है।

खिलाड़ियों के लिए अहम मौका

टी20 वर्ल्ड कप के बीच विदेशी लीग में मौका मिलना पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर हो सकता है। इससे उन्हें आर्थिक लाभ के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलता। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए रास्ता आसान नहीं दिख रहा।

अब सबकी नजरें द हंड्रेड के ऑक्शन पर टिकी हैं, जहां साफ होगा कि कितने पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग में जगह बना पाते हैं और कितनों को इंतजार करना पड़ेगा।

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