3 Nov 2026, Tue

पाकिस्तान में फिर बहा खून, पोलियो टीम की सुरक्षा में तैनात 2 पुलिसकर्मियों की हत्या… क्या वैक्सीन वाकई बच्चों को बांझ बनाती है?

पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहम्मंद जिले में मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध हमलावरों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान घायल हो गया। राहत की बात यह रही कि टीकाकरण अभियान में शामिल स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित बच गए।

टीकाकरण दल की सुरक्षा के लिए जा रही थी पुलिस टीम

यह घटना मंगलवार को अफगानिस्तान की सीमा के नजदीक स्थित मोहम्मंद जिले में हुई। जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने वाली टीमों की सुरक्षा के लिए एक गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार संदिग्ध हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं।

गोलीबारी में दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया। हमला करने के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पोलियो अभियान से जुड़े लोगों पर पहले भी होते रहे हैं हमले

पाकिस्तान के कुछ इलाकों में पोलियो टीकाकरण अभियान लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है। उग्रवादी समूहों की ओर से समय-समय पर टीकाकरण कर्मियों और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जाता रहा है।

टीकाकरण के खिलाफ फैलाई जाने वाली गलत सूचनाएं भी अभियान में बाधा पैदा करती हैं। कुछ कट्टरपंथी समूह यह भ्रामक दावा करते हैं कि पोलियो वैक्सीन पश्चिमी देशों की साजिश है और इससे बच्चों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। हालांकि, इन दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसी अफवाहों के कारण कई क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों को विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ता है।

गृह मंत्री ने जताया दुख

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की निंदा करते हुए इसे असहनीय बताया। उन्होंने मारे गए पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि ये जवान देश के स्वस्थ भविष्य के लिए काम कर रहे थे।

इस घटना ने एक बार फिर पोलियो उन्मूलन अभियान में शामिल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्यकर्मी बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए काम करते हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभाने के दौरान जान का खतरा बना रहता है।

पाकिस्तान में अब भी मौजूद है पोलियो वायरस

पाकिस्तान ने पोलियो को समाप्त करने के उद्देश्य से देशव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत लगभग 2.4 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बावजूद सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभियान की सफलता में बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान दुनिया के ऐसे देश हैं जहां पोलियो वायरस अब भी स्थानिक है। ऐसे में बच्चों का नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है।

पोलियो एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और गंभीर मामलों में स्थायी लकवे का कारण बन सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। मौजूदा हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि पोलियो उन्मूलन के प्रयासों को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ टीकाकरण टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बेहद आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *