कोलंबो: श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान के खिलाफ खेली जाने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय महिला टीम की घोषणा कर दी है। यह सीरीज 23 जुलाई से शुरू होगी और दोनों टीमों के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अनुभवी ऑलराउंडर चमारी अट्टापट्टू एक बार फिर टीम की कप्तानी संभालेंगी, जबकि टीम में कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी के साथ-साथ एक नए चेहरे को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है।
इस टीम चयन की सबसे बड़ी चर्चा 36 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज अनुष्का संजीवनी की वापसी को लेकर हो रही है। संजीवनी ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ महिला विश्व कप के दौरान खेला था। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह युवा विकेटकीपर कौशानी नुथ्यांगना को मौका मिला था। हालांकि, इस बार चयनकर्ताओं ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए अनुष्का को दोबारा टीम में शामिल किया है, जबकि कौशानी को स्क्वॉड से बाहर रखा गया है।
श्रीलंका की टीम के लिए एक और अच्छी खबर युवा बल्लेबाज विश्मी गुणारत्ने की वापसी है। चोट के कारण वह अप्रैल में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई पिछली वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। अब पूरी तरह फिट होने के बाद उन्हें फिर से टीम में शामिल किया गया है। विश्मी की वापसी से श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चयन समिति ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाज रश्मिका सेवंडी को पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका दिया है। रश्मिका ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। उन्हें इस सीरीज के लिए मलकी मदारा की जगह टीम में शामिल किया गया है। युवा खिलाड़ी के रूप में रश्मिका के चयन को श्रीलंका महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रीलंका महिला टीम हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 से जीत दर्ज कर चुकी है। उस सफलता के बावजूद चयनकर्ताओं ने इस बार टीम में कई बदलाव किए हैं। पिछली सीरीज का हिस्सा रहीं मलकी मदारा, कौशानी नुथ्यांगना, पिउमी वत्सला और अनुभवी खिलाड़ी सुगंदिका कुमारी को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने इन खिलाड़ियों को बाहर किए जाने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। श्रीलंका अपने घरेलू मैदान पर जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगा, जबकि पाकिस्तान की टीम मजबूत चुनौती पेश करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान चमारी अट्टापट्टू से एक बार फिर टीम को हर विभाग में प्रेरित करने की उम्मीद रहेगी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन में उनका अनुभव श्रीलंका के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के संतुलन के साथ श्रीलंका ने एक मजबूत टीम तैयार की है। यदि नए खिलाड़ियों को अवसर का सही लाभ मिलता है और वरिष्ठ खिलाड़ी अपनी भूमिका निभाते हैं, तो पाकिस्तान के खिलाफ यह सीरीज श्रीलंका के लिए सफल साबित हो सकती है। अब सभी की नजरें 23 जुलाई से शुरू होने वाले पहले वनडे मुकाबले पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज का आगाज करना चाहेंगी।

