पटना: बिहार में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच राजधानी पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और किडनैपरों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में एक अपराधी मारा गया, जबकि दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए। यह घटना शुक्रवार शाम उस समय हुई जब पुलिस को एक युवक के अपहरण और उसके साथ मारपीट किए जाने की सूचना मिली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को अपराधियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया।
जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 की शाम करीब 7:30 बजे पटना पुलिस को सूचना मिली कि मसौढ़ी इलाके में कुछ अपराधियों ने एक युवक का अपहरण कर लिया है और उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और विशेष टीम मौके पर पहुंची तथा इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने साहसिक कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, इस दौरान अपराधियों की गोलीबारी में मसौढ़ी के अपर थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) संजय कुमार घायल हो गए। दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी मौके पर ही मारा गया। मृतक की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मारा गया अपराधी एक संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो अपहरण और रंगदारी जैसी वारदातों में शामिल रहा है। घटनास्थल से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। फरार अपराधियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अपहृत युवक की सुरक्षित रिहाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की बहादुरी की सराहना की है और घायल पुलिसकर्मियों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। मसौढ़ी मुठभेड़ को इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसने यह संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए बिहार में अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

