पंजाब में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने Punjab State Rural Livelihoods Mission (PSRLM) के तहत 41 ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और 44 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पदों की भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 को होगी।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाईकोर्ट पहले ही 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों की भर्ती प्रक्रिया पर 17 सितंबर तक रोक लगा चुका है। दोनों मामलों ने राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनवरी में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन की भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2026 में शुरू हुई थी और फरवरी 2026 में इसके परिणाम घोषित किए गए थे।
भर्ती प्रक्रिया में कुल 100 अंकों का मूल्यांकन निर्धारित था। इसमें 70 अंक लिखित परीक्षा, 10 अंक इंटरव्यू, 10 अंक शैक्षणिक योग्यता और 10 अंक अनुभव के लिए निर्धारित किए गए थे।
याचिका में आरोप लगाया गया कि अंतिम परिणाम में केवल कुल अंक बताए गए, लेकिन इंटरव्यू, योग्यता और अनुभव के लिए दिए गए 30 अंकों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे।
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड तलब कर बनाई कमेटी
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूरी चयन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया। अदालत ने वकीलों और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की एक समिति गठित कर दस्तावेजों की जांच कराई।
जांच के दौरान समिति ने अंकों के आवंटन में कथित अनियमितताएं पाई। अदालत ने इन्हीं प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है।
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती पर भी लगी है रोक
इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों की भर्ती प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी थी। यह परीक्षा 19 जुलाई 2026 को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट द्वारा आयोजित की गई थी।
परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक और हाई-टेक नकल के आरोप सामने आए थे। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा रद्द करने और नए सिरे से पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की मांग की।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में फरीदकोट स्थित BFUHS परिसर के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए गए।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और ऐसे में पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
2 सितंबर की सुनवाई पर नजर
अब Punjab State Rural Livelihoods Mission भर्ती मामले में 2 सितंबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत यह तय करेगी कि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए या जांच के आधार पर कोई अन्य निर्देश जारी किए जाएं।
लगातार दो भर्ती प्रक्रियाओं पर लगी न्यायिक रोक ने पंजाब में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता, मूल्यांकन प्रणाली और चयन प्रक्रिया को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इन मामलों का असर राज्य की अन्य भर्ती प्रक्रियाओं पर भी पड़ सकता है।

