चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व को लेकर चर्चा के बीच पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पूर्व हॉकी कप्तान और ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, परगट सिंह तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
राजा वड़िंग वर्ष 2022 से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। हालांकि, हाल के समय में प्रदेश संगठन के भीतर नेतृत्व और आपसी मतभेदों को लेकर लगातार चर्चा होती रही। इसी बीच उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी को सौंप दिया। इसके बाद कांग्रेस ने बिना किसी लंबे अंतराल के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह के नाम की घोषणा कर दी।
कौन हैं परगट सिंह?
परगट सिंह पंजाब की राजनीति के साथ-साथ भारतीय हॉकी में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन रहे हैं। खेल के मैदान से राजनीति में आने के बाद उन्होंने पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें संगठन और जमीनी राजनीति का अनुभव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है।
परगट सिंह पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाते हैं। पिछले कुछ समय से पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर अलग-अलग नेताओं के बीच मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। परगट सिंह भी संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं।
राजा वड़िंग ने क्यों दिया इस्तीफा?
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हुआ। इस्तीफा देने से पहले उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ लंबी बैठक हुई थी। बैठक के बाद वड़िंग ने प्रदेश कांग्रेस में चल रही परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट को लेकर भी सवाल उठाए। वड़िंग ने कहा कि पायलट को पंजाब का प्रभारी बने लगभग एक महीना हुआ है और इस दौरान वह सीमित समय के लिए ही पंजाब आए। उन्होंने दावा किया कि प्रभारी के साथ उनकी केवल एक छोटी मुलाकात हुई थी।
वड़िंग ने यह संकेत भी दिया कि शायद सचिन पायलट ने उन्हें पद से हटाने का मन पहले ही बना लिया था। हालांकि, उनके इस बयान पर पार्टी के भीतर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
पंजाब कांग्रेस के सामने नई चुनौती
परगट सिंह के सामने अब प्रदेश संगठन को मजबूत करने और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की चुनौती होगी। पंजाब की राजनीति में कांग्रेस लंबे समय से संगठनात्मक स्तर पर बदलाव और आंतरिक समन्वय को लेकर चर्चा में रही है।
नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न गुटों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। इसके अलावा उन्हें आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए संगठन को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने पर भी ध्यान देना होगा।
राजा वड़िंग के इस्तीफे और परगट सिंह की नियुक्ति के साथ पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी संगठन किस दिशा में आगे बढ़ता है और आंतरिक मतभेदों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

