उत्तर प्रदेश के Noida के फेज-2 इलाके में सोमवार को कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा, जब वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात इतने बिगड़ गए कि कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और एक कार को आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया और उसे पलट दिया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन पिछले तीन से चार दिनों से जारी था, जिसमें विभिन्न कंपनियों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल थे। खासतौर पर Motherson Group के पास बड़ी संख्या में कर्मचारी इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों में ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी जैसी होजरी कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल थे, जिन्होंने काम बंद कर सड़कों पर उतरने का फैसला लिया।
सोमवार को स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। गुस्साए कर्मचारियों ने पहले वाहनों में तोड़फोड़ की और फिर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान एक काले रंग की कार को आग लगा दी गई, जो देखते ही देखते धू-धू कर जलने लगी। आगजनी और हिंसा की घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हरियाणा में न्यूनतम वेतन में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद नोएडा की कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी नहीं बढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें समान काम के लिए समान वेतन नहीं मिल रहा, ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं किया जा रहा और कई बार समय पर सैलरी भी नहीं दी जाती। इसके अलावा, कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को शांत करने के प्रयास किए। हालांकि, कुछ समय तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बना रहा।
प्रदर्शन के कारण मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई, जिससे Delhi और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात प्रभावित हुआ। दफ्तर जाने वाले लोगों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कंपनियों की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग दोहराई है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यह मामला अब श्रमिक असंतोष और औद्योगिक संबंधों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर जल्द समाधान की आवश्यकता है।

