नेपाल में तिब्बत से सटे इलाकों में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि 2000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, कुछ इलाकों में खतरा बढ़ने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।
रसुवा और नुवाकोट समेत कई इलाकों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अचानक पानी का सैलाब आने से कई मकान, सड़कें और पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर मलबे का ढेर जमा हो गया है, जिससे राहतकर्मियों को लापता लोगों की तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए बड़े स्तर पर राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन खराब मौसम, भूस्खलन और लगातार बने हुए खतरे के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों को आशंका है कि जैसे-जैसे मलबा हटेगा और दूरदराज के इलाकों तक राहत दल पहुंचेंगे, मृतकों और लापता लोगों की संख्या में और बदलाव हो सकता है।
इस बीच अभिनेता अंकुर रतन ने भी नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ को लेकर अपनी आपबीती साझा की है। अभिनेता ने बताया कि इस त्रासदी से कुछ घंटे पहले तक वह रसुवा में ही मौजूद थे। वह वहां के खूबसूरत प्राकृतिक नजारों को अपने कैमरे में कैद कर रहे थे। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यही इलाका इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा का गवाह बनने वाला है।
अंकुर रतन के मुताबिक, जिस रसुवा की खूबसूरती को उन्होंने अपनी तस्वीरों में कैद किया था, उसी इलाके में बाद में बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। देखते ही देखते पानी के तेज बहाव और मलबे ने कई जगहों पर जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कई परिवारों के सामने अपनों को खोने का दर्द है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं।
नेपाल में जारी यह त्रासदी एक बड़ी प्राकृतिक आपदा के रूप में सामने आई है। राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी सामान पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों का पता लगाना है।

