नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में मानसून की बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महाराष्ट्र से लेकर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक नालों का जलस्तर बढ़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बंद होने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। अलग-अलग राज्यों से सामने आए वीडियो में तेज बहाव, सड़कों पर जमा मलबा और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त वाहनों की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।
स्वां नदी में फंसी पिकअप, ग्रामीणों ने बचाई तीन लोगों की जान
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में भारी बारिश के बाद स्वां नदी में अचानक बाढ़ आ गई। नंदपुर से कुठेहड़ा की ओर जा रही एक पिकअप गाड़ी तेज बहाव के बीच फंस गई। वाहन में तीन लोग सवार थे। नदी का बहाव बढ़ता देख आसपास मौजूद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आए।
ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए वाहन में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव किए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पिकअप गाड़ी नदी के तेज बहाव के बीच फंसी हुई दिखाई दे रही है।
कुल्लू के पागल नाला में अचानक बाढ़
कुल्लू जिले के लारजी-सैंज सड़क मार्ग पर स्थित पागल नाला में अचानक बाढ़ आने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ऊंची पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। पानी के साथ बड़ी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और मलबा सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग बंद हो गया।
सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक घंटों तक मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के काम में जुटी हुई हैं।
किश्तवाड़ में भूस्खलन, मलबे में दबीं कई गाड़ियां
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के कारण बड़े भूस्खलन की खबर सामने आई है। यह घटना 540 मेगावाट के क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास हुई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे गिरने के कारण वहां खड़ी कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।
भूस्खलन में कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है और कुछ गाड़ियां मलबे के नीचे दब गई हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

