नई दिल्ली: भारत के विदेशी व्यापार को लेकर अगस्त महीने के आंकड़े सामने आए हैं। अगस्त 2026 में देश के वस्तु निर्यात में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान कुल निर्यात बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों की मजबूत मांग ने निर्यात को गति देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, सोने के आयात में बड़ी गिरावट के चलते व्यापार घाटा भी कम हुआ।
अगस्त में 26% बढ़ा निर्यात
अगस्त में भारत का वस्तु निर्यात 43.81 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 26.12 प्रतिशत अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में दर्ज हुई निर्यात वृद्धि जून 2022 के बाद सबसे अधिक रही। जून 2022 में देश के निर्यात में 30.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात में करीब 90 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई। वहीं इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 25 प्रतिशत और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 63.27 प्रतिशत बढ़ा। इन क्षेत्रों से मिली मजबूती ने कुल निर्यात आंकड़ों को ऊपर ले जाने में योगदान दिया।
आयात में भी हुई बढ़ोतरी
दूसरी ओर, अगस्त में देश का आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, परियोजना वस्तुओं, चांदी तथा कोयला और कोक के आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अगस्त में कच्चे तेल का आयात 37.28 प्रतिशत बढ़कर करीब 16 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 90 से 94 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही।
हालांकि, सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अगस्त में सोने का आयात 57.75 प्रतिशत घटकर करीब 2.3 अरब डॉलर रह गया।
व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर
निर्यात में तेज बढ़ोतरी और सोने के आयात में गिरावट का असर देश के व्यापार घाटे पर भी दिखाई दिया। अगस्त में व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया, जो पांच महीने का निचला स्तर है।
जुलाई 2026 में व्यापार घाटा 31.98 अरब डॉलर था, जबकि अगस्त 2025 में यह 27.22 अरब डॉलर रहा था। इससे स्पष्ट है कि अगस्त में व्यापार संतुलन में पिछले महीने की तुलना में सुधार हुआ।
अमेरिका और यूरोप समेत कई बाजारों से मिली मांग
निर्यात में बढ़ोतरी के पीछे अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से आई मांग को प्रमुख कारणों में गिना गया है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत का वस्तु निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया।
हालांकि, इसी अवधि में आयात भी 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके चलते अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान वस्तु व्यापार घाटा 147.09 अरब डॉलर रहा।
इलेक्ट्रॉनिक सामान के आयात में भी तेजी
अप्रैल-अगस्त अवधि में इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 46.31 अरब डॉलर से बढ़कर 66.48 अरब डॉलर हो गया। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25.32 अरब डॉलर से बढ़कर 35.31 अरब डॉलर पहुंच गया।
अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक सामान के आयात में 53.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह करीब 13 अरब डॉलर रहा। सेवा क्षेत्र की बात करें तो अगस्त में सेवा निर्यात लगभग 38.87 अरब डॉलर और सेवा आयात 21.42 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।

