7 Sep 2026, Mon

दिल्ली के सत्य निकेतन में गिरी बिल्डिंग का मालिक हिरासत में लिया गया, पुलिस ने भिवाड़ी से दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके मालिक हरिराम को हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद से ही हरिराम फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। कई जगहों पर छापेमारी के बाद आखिरकार उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया। अब पुलिस उसे दिल्ली लेकर आ रही है, जहां मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।

हादसे के बाद से फरार था हरिराम

बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद जब पुलिस हरिराम के घर पहुंची तो वह वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई। पुलिस को आशंका थी कि वह दिल्ली-एनसीआर के आसपास किसी जगह पर छिपा हो सकता है।

हरिराम की तलाश में पुलिस ने दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी दबिश दी। गुरुग्राम समेत कई संभावित ठिकानों पर जांच की गई। पुलिस ने उसके रिश्तेदारों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की और उनके ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हरिराम का कोई सुराग नहीं मिला।

10 टीमों ने चलाया तलाश अभियान

हरिराम को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर करीब 10 टीमें बनाई थीं। इन टीमों में स्थानीय पुलिस के साथ विशेष स्टाफ और ऑपरेशन यूनिट के जवान भी शामिल किए गए थे। अभियान की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे।

पुलिस ने हरिराम की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए उसके संपर्क में रहने वाले लोगों पर भी नजर रखी। कई स्थानों पर लगातार दबिश के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। बाद में उसकी लोकेशन राजस्थान के भिवाड़ी में मिली, जहां कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

पुलिस कोर्ट से मांगेगी कस्टडी

हरिराम को दिल्ली लाने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद पुलिस उसे अदालत के सामने पेश करेगी। जांच एजेंसियां उससे हादसे से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानना चाहती हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हादसे के बाद हरिराम मौके से क्यों गायब हुआ। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि क्या उसने फरार होने के दौरान मामले से जुड़े किसी संभावित सबूत को हटाने या नष्ट करने की कोशिश की थी। पुलिस बिल्डिंग के निर्माण, उसकी स्थिति और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पत्नी और बेटे पर भी कार्रवाई

मामले में हरिराम के परिवार के दो अन्य सदस्यों पर भी पुलिस की कार्रवाई हुई है। जानकारी के अनुसार, हरिराम के बेटे महेश और उसकी पत्नी उर्मिला को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि संपत्ति के कागजों में मकान उर्मिला के नाम दर्ज था, जबकि बिजली कनेक्शन हरिराम और उसके बेटे के नाम पर था।

पहले जारी हुआ था लुकआउट सर्कुलर

हरिराम की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था। लगातार दबिश और जांच के बाद अब उसे भिवाड़ी से पकड़ लिया गया है। पुलिस की आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बिल्डिंग हादसे के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही और निर्माण से जुड़े नियमों का कितना पालन किया गया था।

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