23 Mar 2026, Mon

दिल्ली की हवा में नहीं कम हो रहा जहर, प्रशासन के सारे प्रयास विफल, अभी भी AQI 400 के पार

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। 19 दिसंबर, 2025 को राष्ट्रीय राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया, जिससे यातायात और दैनिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आनंद विहार में AQI 442 दर्ज किया गया, जबकि आईटीओ में यह 409 रहा। राजधानी में ओवरऑल AQI 389 तक पहुँच गया, जिसे ‘गंभीर’ माना जाता है।

शुक्रवार की सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में घना स्मॉग और धुंध छाई रही, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। पालम एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर भी विजिबिलिटी शून्य रही। इस स्थिति के कारण कई फ्लाइट और ट्रेन 6 से 7 घंटे की देरी से चल रही हैं। स्पाइसजेट की एक फ्लाइट भी कैंसिल करनी पड़ी।

विशेष रूप से विवेक विहार की स्थिति सबसे गंभीर रही, जहाँ AQI 434 दर्ज किया गया। CPCB के समीर ऐप के अनुसार, राजधानी के 40 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 14 ने ‘गंभीर’ और 26 ने ‘बहुत खराब’ एयर क्वालिटी दर्ज की।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत रही, जिससे धुंध और स्मॉग और घना हो गया। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने भविष्यवाणी की है कि शनिवार तक स्थिति ‘बहुत खराब’ रहेगी और रविवार को पुनः ‘गंभीर’ हो जाएगी।

प्रशासन ने प्रदूषण से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली के बाहर की BS-VI एमिशन स्टैंडर्ड से कम वाली प्राइवेट गाड़ियों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू किया गया है। अब फ्यूल पंप बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को ईंधन नहीं दे रहे हैं। यह नियम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे, फ्यूल स्टेशनों पर वॉइस अलर्ट और पुलिस की मदद से लागू किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं और बढ़ती नमी के कारण धुंध और स्मॉग लंबे समय तक राजधानी में बने रह सकते हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे घर से अनावश्यक बाहर न निकलें, मास्क पहनें और बच्चों, बुजुर्गों तथा एलर्जी से पीड़ित लोगों को बाहर जाने से बचाएँ।

दिल्ली में हाल की स्थिति शहरवासियों के लिए चेतावनी है कि प्रदूषण गंभीर रूप ले चुका है। प्रशासन लगातार उपाय कर रहा है, लेकिन सामूहिक प्रयास और जागरूकता ही हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती है।

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