ईरान के हमले में भारतीय नागरिक की मौत, 15 क्रू मेंबर सुरक्षित
मिडिल ईस्ट: फारस की खाड़ी में अमेरिकी तेल टैंकर पर ईरान के आत्मघाती बोट हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। जहाज पर सवार 15 अन्य भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया। यह घटना इराक के बसरा के पास खोर अल-जुबैर पोर्ट के नजदीक हुई।
घटना का विवरण
हमले का शिकार अमेरिकी तेल टैंकर MT सेफसी विष्णु था, जो मार्शल आइलैंड के झंडे के साथ फारस की खाड़ी से गुजर रहा था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, एक सफेद रंग की मानव रहित स्पीडबोट, जिसमें विस्फोटक होने की आशंका है, जहाज के स्टारबोर्ड हिस्से से तेजी से टकराई। टक्कर के बाद जहाज पर बड़ा विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी। टैंकर में लगातार दो धमाके हुए और पूरा जहाज आग की चपेट में आ गया।
भारतीय नागरिक की पहचान
घटना के दौरान जहाज पर सभी क्रू मेंबर्स ने अपनी जान बचाने के लिए जहाज छोड़ दिया। आसपास मौजूद एक STS टग ने उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। इराकी कोस्ट गार्ड ने बाकी 27 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला, जिनमें 15 भारतीय और 12 फिलीपीनी नागरिक शामिल थे।
इस हमले में मृत भारतीय नागरिक की पहचान चीफ इंजीनियर देओनंदन प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और मुंबई के कांदिवली रहेजा टावर में उनका निवास था।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि चेतावनी के बावजूद तेल टैंकर उत्तरी पर्शियन गल्फ से गुजर रहा था, इसलिए उस पर हमला किया गया। 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में जारी जंग के दौरान ईरान अबतक 18 तेल टैंकर्स को निशाना बना चुका है। एक दिन पहले ही थाईलैंड के एक शिप पर हमला किया गया था।
भारत का कूटनीतिक कदम
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने भारतीय नागरिकों और भारतीय टैंकर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
घटना का वैश्विक महत्व
यह हमला फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। तेल टैंकर्स पर लगातार हमले वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
ईरान के आत्मघाती बोट हमले में भारतीय नागरिक की मौत से भारत को बड़ी मानविक और कूटनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि 15 अन्य भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है। भारत सरकार ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए हैं।

