मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता जैकी भगनानी ने हाल ही में अपने जीवन के एक ऐसे दौर का खुलासा किया है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे। मशहूर निर्माता वासु भगनानी के बेटे होने के बावजूद जैकी को फिल्मी दुनिया में कदम रखने के लिए कड़ी मेहनत और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि एक समय उनका वजन लगभग 150 किलोग्राम था और इसी वजह से उन्हें बचपन से लेकर युवावस्था तक काफी ट्रोलिंग झेलनी पड़ी।
नेहा धूपिया के शो में बातचीत के दौरान जैकी ने अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि मोटापे के कारण उनका आत्मविश्वास कई बार प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर उनके वजन का मजाक उड़ाते थे, जिससे उन्हें मानसिक रूप से भी काफी परेशानी होती थी। जैकी ने कहा कि बचपन और किशोरावस्था में कही गई बातें इंसान के मन में लंबे समय तक रह जाती हैं और उनके साथ भी ऐसा ही हुआ।
उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि जब वह छोटे थे, तब बॉलीवुड में चर्चा थी कि अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ के लिए मशहूर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ रेसलर योकोजुना को भारत बुलाया जा रहा है। जैकी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उस समय उन्हें लगता था कि किसी और को बुलाने की क्या जरूरत है, क्योंकि वह खुद ही इतने भारी-भरकम थे। हालांकि इस बात के पीछे छिपा दर्द भी उन्होंने बयां किया।
जैकी ने बताया कि उनका वजन इतना अधिक था कि कई बार उन्हें लोगों की हंसी अपने ऊपर महसूस होती थी। उन्होंने कहा, “जब भी मैं किसी को हंसते हुए देखता था, तो मुझे लगता था कि शायद वह मेरे ऊपर हंस रहा है। यह एहसास लंबे समय तक मेरे साथ रहा।”
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उनके पिता वासु भगनानी ने भी उन्हें बिना तैयारी के फिल्मों में लॉन्च करने से इनकार कर दिया था। जैकी के अनुसार, उनके पिता चाहते थे कि वह पहले खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करें। यही वजह थी कि उन्होंने अपने जीवन में बड़ा बदलाव लाने का फैसला किया।
इसके बाद जैकी ने कड़ी मेहनत शुरू की। उन्होंने नियमित व्यायाम, सख्त डाइट और अनुशासित जीवनशैली अपनाई। कई महीनों की मेहनत के बाद उन्होंने काफी वजन कम किया और खुद को अभिनय के लिए तैयार किया। उनकी इस यात्रा को आज भी कई लोग प्रेरणादायक मानते हैं।
साल 2009 में जैकी ने फिल्म ‘कल किसने देखा’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।
वर्ष 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम टू कराची’ में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
जैकी भगनानी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल पारिवारिक पहचान से नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए आत्मविश्वास, मेहनत और लगातार प्रयास जरूरी होते हैं। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो किसी भी कारण से खुद को कमतर महसूस करते हैं।

