20 Aug 2026, Thu

ट्रंप के ‘गुडविल’ का किम ने मिसाइलों से दिया जवाब! समुद्र की ओर दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें

सियोल: उत्तर कोरिया ने गुरुवार को एक बार फिर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए राजधानी क्षेत्र से समुद्र की ओर करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, मिसाइलों का यह प्रक्षेपण शाम करीब 5 बजे किया गया। सभी मिसाइलें उत्तर कोरिया के पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर गईं। इस घटना के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि सेना ने उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। मिसाइल लॉन्च से जुड़ी जानकारी अमेरिका और जापान के साथ भी साझा की जा रही है। तीनों देशों की सेनाएं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मिसाइल परीक्षण के बाद साउथ कोरिया में इमरजेंसी बैठक

उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइलें दागे जाने के बाद दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक की। बैठक के बाद जारी बयान में उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों को रोकने की अपील की गई।

दक्षिण कोरिया ने कहा कि इस तरह के मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हैं। जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उत्तर कोरिया की ओर से संदिग्ध मिसाइल लॉन्च किए जाने की जानकारी दी थी।

अमेरिका-साउथ कोरिया के सैन्य अभ्यास के बीच लॉन्च

उत्तर कोरिया का यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ को पहले के मुकाबले सीमित कर रहे हैं। दोनों देशों की सेनाओं ने बुधवार को बताया था कि 11 दिन तक चलने वाले इस अभ्यास का दायरा कम किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभ्यास शुरू होने से पहले इसे काफी हद तक कम करने की बात कही थी। ट्रंप ने इसके पीछे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला दिया था। इसके अलावा उन्होंने ईरान में चल रहे युद्ध के दौरान दक्षिण कोरिया के समर्थन को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

किम यो जोंग ने ट्रंप की पहल को किया खारिज

ट्रंप के इस कदम के बाद उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और प्रभावशाली नेता किम यो जोंग ने अमेरिका की पहल पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सैन्य अभ्यास में कटौती को उत्तर कोरिया के लिए किसी बड़ी सद्भावना का संकेत मानने से इनकार कर दिया।

किम यो जोंग ने कहा कि अभ्यास का आकार और अवधि कम किए जाने से उसकी कथित उकसावे वाली और आक्रामक प्रकृति में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केवल सैन्य अभ्यास को छोटा करने के बदले उत्तर कोरिया से मनचाही प्रतिक्रिया की उम्मीद करना उचित नहीं है।

परमाणु पनडुब्बियों की योजना पर भी उठाए सवाल

किम यो जोंग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले अन्य सैन्य अभ्यासों का भी जिक्र किया। उन्होंने दक्षिण कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों को लेकर सामने आई योजनाओं पर भी सवाल उठाया।

ऐसे में गुरुवार को हुए ताजा मिसाइल परीक्षण को उत्तर कोरिया की ओर से अमेरिका और दक्षिण कोरिया को दिए गए एक और सैन्य संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सैन्य अभ्यास में कटौती के बावजूद प्योंगयांग की ओर से मिसाइल परीक्षण जारी रहना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं।

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